लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जौहर विश्वविद्यालय को जारी किए गए विध्वंस नोटिस को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखना है और हर कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में कानून का पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
हाल के दिनों में जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी मामलों ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को नया आयाम दिया है। इसी बीच विश्वविद्यालय परिसर के कुछ हिस्सों को लेकर जारी विध्वंस नोटिस ने मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पूरा मामला कानून और प्रशासनिक नियमों के दायरे में आगे बढ़ रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी मामले में कानून से समझौता नहीं करती। उनका कहना था कि यदि किसी मामले में संबंधित विभागों ने नोटिस जारी किया है, तो आगे की प्रक्रिया भी पूरी तरह कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना है।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर कदम सोच-समझकर और निर्धारित नियमों के अनुसार उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में शांति और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता रहती है।
जौहर विश्वविद्यालय का मामला पहले भी कई बार कानूनी और प्रशासनिक कारणों से चर्चा में रहा है। विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच और अदालती कार्यवाही अलग-अलग स्तर पर चलती रही है। अब विध्वंस नोटिस के बाद एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
हालांकि सरकार लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उसकी कार्रवाई किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि कानून के पालन के लिए की जा रही है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और इस मामले में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर बनी हुई है दूसरी ओर, सरकार का रुख साफ है कि कानून के दायरे में रहकर ही हर निर्णय लिया जाएगा और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।