PM सूर्य घर योजना में यूपी की ऐतिहासिक बढ़त, अब गुजरात पर नजर

लखनऊ: प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में राज्य ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। इस समय गुजरात पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर पहुंच […]

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  • July 16, 2026 6:32 pm IST, Published 5 minutes ago

लखनऊ: प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में राज्य ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। इस समय गुजरात पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश की इस प्रगति को स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान रूफटॉप सोलर को लेकर लोगों की रुचि लगातार बढ़ी है। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी योजनाओं के साथ-साथ जागरूकता अभियान और आसान प्रक्रिया ने बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया है। इसका परिणाम यह रहा कि राज्य ने कम समय में सोलर स्थापना के आंकड़ों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है।

उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के अनुसार, राज्य में अब लाखों परिवार अपने घरों की छतों पर लगाए गए सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से बिजली का लाभ उठा रहे हैं। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आ रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

यूपीनेडा के अधिकारियों का कहना है कि इस उपलब्धि के पीछे हजारों अधिकृत वेंडरों, बिजली विभाग और आम उपभोक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य में 5,500 से अधिक पंजीकृत वेंडर विभिन्न जिलों में सोलर सिस्टम स्थापित करने का काम कर रहे हैं, जिससे योजना का तेजी से विस्तार संभव हुआ है।

अधिकारियों का यह भी मानना है कि यदि वर्तमान गति बरकरार रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में गुजरात को भी पीछे छोड़ सकता है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक परिवारों तक सौर ऊर्जा पहुंचाना और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में अब तक 7,49,839 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश 6,74,393 संयंत्रों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि महाराष्ट्र 6,73,717 संयंत्रों के साथ तीसरे स्थान पर है। दोनों राज्यों के बीच अंतर बेहद कम है, लेकिन उत्तर प्रदेश ने बढ़त बनाकर नया रिकॉर्ड दर्ज किया है।

रूफटॉप सोलर योजना से उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली खर्च में राहत मिलती है। साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम होने से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलती है। यही कारण है कि देशभर में इस योजना के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के तेजी से विस्तार का संकेत मानी जा रही है। यदि इसी गति से सौर ऊर्जा परियोजनाएं आगे बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में राज्य स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है।

 

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