देश भर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसका 95% हिस्सा कवर हो चुका है, लेकिन भारी बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कुछ घंटों में देश के अलग-अलग हिस्सों से भारी बारिश, हादसों और तबाही की खबरें सामने आ रही हैं।
सूरत और गुजरात में बाढ़ जैसे हालात: कामरेज में मंगलवार को 10 घंटे के भीतर 305 मिमी (करीब 15 इंच) और सूरत शहर में 260 मिमी बारिश दर्ज की गई। सूरत के कई इलाके और शॉपिंग सेंटर आधे डूब चुके हैं। सड़कों पर कारें तक बहती नजर आईं। एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों से 2100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और सूरत-नवसारी में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं।
गुरुग्राम में जलभराव और 10 किमी लंबा जाम: लगातार बारिश से गुरुग्राम के कई इलाकों में दो-दो फीट पानी भर गया है। नेशनल हाईवे (NH-48) का एक हिस्सा धंस गया है, जिससे वहां करीब 10 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। सर्विस लेन के नाले में एक स्कूल बस भी फंस गई।
जबलपुर में पांच मंजिला इमारत ढही: मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार शाम को भारी बारिश के बीच एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर पड़ी, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
राजस्थान और यूपी में आफत की बारिश: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई, वहीं जालोर में एक जीप नदी के तेज बहाव में पलट गई। उत्तर प्रदेश के 50 शहरों में मंगलवार को बारिश हुई, जहां मथुरा और शामली में सड़कें नदियों जैसी बहने लगीं। अमरोहा में मात्र एक घंटे की बारिश से दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पानी भर गया।
दिल्ली और मुंबई में फ्लाइट्स प्रभावित: दोनों महानगरों में भारी बारिश के कारण विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं और उड़ानों में देरी हो रही है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में 7 से 9 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है।
अरुणाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड: भारी बारिश और बाढ़ से अरुणाचल प्रदेश के 26 जिलों में 94 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। यहां भूस्खलन और बाढ़ की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई, 21 घायल हैं और 2 महिलाएं लापता हैं।
वायनाड में भूस्खलन: केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी टनल निर्माण स्थल पर भूस्खलन होने से 4 लोगों की मौत हो गई है और 6 अन्य लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
विशेषज्ञों की राय: जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के प्रभाव से मानसून के मिजाज में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। जून में कम बारिश के बाद अब जुलाई की शुरुआत में बहुत कम समय में अत्यधिक तेज बारिश (क्लाउडबर्स्ट या मूसलाधार बारिश) और बाढ़ जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।