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नोएडा PG में स्कूटी चार्जिंग से लगी आग, दो की दर्दनाक मौत

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-66 थाना क्षेत्र के मामूरा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में इस्तेमाल की जा रही बहुमंजिला इमारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग के दौरान आग लग गई। देखते ही देखते आग ने […]

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  • July 15, 2026 2:51 pm IST, Published 1 hour ago

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-66 थाना क्षेत्र के मामूरा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में इस्तेमाल की जा रही बहुमंजिला इमारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग के दौरान आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए। घटना के समय भवन में लगभग 50 परिवार मौजूद थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में धुएं का घना गुबार पूरे भवन में फैल गया। ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग जान बचाने के लिए छतों और बालकनियों की ओर भागे, जबकि कई लोगों ने खिड़कियों से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

चार्जिंग के दौरान हुआ शॉर्ट सर्किट होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत एक इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी से हुई। बताया जा रहा है कि स्कूटी चार्जिंग पर लगी हुई थी, तभी बैटरी में शॉर्ट सर्किट हुआ और अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही क्षणों में आग ने आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद लपटें तेजी से इमारत के अंदर फैल गईं, जिससे पूरे भवन में अफरा-तफरी मच गई।

हालांकि पुलिस और अग्निशमन विभाग ने अभी तक आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फोरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच में लगे हुए हैं।

महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नहीं बच सकी जान

हादसे में एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं एक अन्य व्यक्ति की भी इस हादसे में मौत हो गई। कुछ अन्य लोगों को मामूली चोटें और धुएं से दम घुटने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

लकड़ी की सीढ़ियों से बचाई गई लोगों की जान

राहत और बचाव अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने भवन की ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लकड़ी की सीढ़ियों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया। दमकल कर्मियों ने कई लोगों को खिड़कियों और बालकनियों से सुरक्षित बाहर निकाला। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को लगाया गया और घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रित की जा सकी।

स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आसपास के निवासियों ने घायलों को बाहर निकालने और एंबुलेंस तक पहुंचाने में प्रशासन की मदद की।

PG के रूप में इस्तेमाल हो रही थी इमारत

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस इमारत में आग लगी, उसका उपयोग पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में किया जा रहा था। भवन में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा युवक-युवतियां और परिवार रह रहे थे। संकरी गलियां और सीमित निकासी मार्ग होने के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन न किया जाए तो इस प्रकार की घटनाएं बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं।

पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि भवन में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को लेकर बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षित चार्जिंग को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल प्रमाणित चार्जर का उपयोग किया जाना चाहिए और चार्जिंग के दौरान बैटरी को लंबे समय तक बिना निगरानी के नहीं छोड़ना चाहिए। खराब वायरिंग, ओवरलोडिंग और अनधिकृत बिजली कनेक्शन भी आग लगने की बड़ी वजह बन सकते हैं।

स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल

हादसे के बाद पूरे मामूरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और दहशत का माहौल है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि समय रहते राहत कार्य शुरू नहीं होता तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे की वजह इलेक्ट्रिक स्कूटी की चार्जिंग के दौरान बैटरी में शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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