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निचली अदालत से राहत नहीं, अब हाई कोर्ट पहुंचीं गिरिबाला सिंह

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत और कथित दहेज उत्पीड़न मामले में कानूनी लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की आरोपी और पूर्व न्यायिक अधिकारी गिरिबाला सिंह ने निचली अदालत से नियमित जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाई […]

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  • August 4, 2026 5:00 pm IST, Published 2 hours ago

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत और कथित दहेज उत्पीड़न मामले में कानूनी लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की आरोपी और पूर्व न्यायिक अधिकारी गिरिबाला सिंह ने निचली अदालत से नियमित जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) भी अपना पक्ष रखेगी।

यह मामला पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा है और इसकी जांच सीबीआई के पास है। आरोप है कि ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत दहेज उत्पीड़न से जुड़ी थी। इसी मामले में गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। अब उनकी जमानत याचिका पर हाई कोर्ट का फैसला पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।

इससे पहले 25 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस चरण में जमानत देना उचित नहीं होगा। अदालत ने यह भी माना कि यदि आरोपी को रिहा किया गया तो गवाहों या साक्ष्यों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत में जमानत का कड़ा विरोध किया था। जांच एजेंसी का कहना था कि आरोपी पूर्व न्यायिक अधिकारी रह चुकी हैं और उनके प्रभाव के कारण जांच प्रभावित हो सकती है। सीबीआई ने यह भी तर्क दिया कि मुकदमे की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आरोपी का न्यायिक हिरासत में रहना आवश्यक है। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था।

इससे पहले भी गिरिबाला सिंह को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी थी। मई 2026 में उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी। उस आदेश के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और तब से वे जेल में हैं। अब नियमित जमानत के लिए हाई कोर्ट में दायर नई याचिका उनकी कानूनी रणनीति का अगला कदम है।

हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में आरोपी की ओर से कहा गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है। याचिका में उनकी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों का भी उल्लेख करते हुए अदालत से मानवीय आधार पर जमानत देने की अपील की गई है।

दूसरी ओर, सीबीआई हाई कोर्ट में भी जमानत का विरोध करने की तैयारी में है। एजेंसी का मानना है कि जांच और आगामी ट्रायल के दौरान आरोपी की रिहाई से मामले पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए वह निचली अदालत की तरह हाई कोर्ट में भी जमानत याचिका खारिज करने की मांग करेगी।

हाई कोर्ट दोनों पक्षों की दलीलें, उपलब्ध साक्ष्य और मामले की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए फैसला करेगा। अदालत यह भी देखेगी कि क्या आरोपी की रिहाई से जांच या न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की वास्तविक संभावना है।  ट्विशा शर्मा मौत प्रकरण पहले से ही व्यापक चर्चा का विषय रहा है। अब सभी की निगाहें हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आरोपी को अंतरिम राहत मिलती है या नहीं। अदालत का निर्णय न केवल इस मामले के लिए, बल्कि आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।

 

 

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