राजौरी: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ प्रभावित राजौरी जिले का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य लोगों की जान बचाना था। अब प्रशासन पूरी ताकत के साथ बहाली, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में जुटा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 तारीख को आई आपदा के दौरान प्रशासन ने समय रहते आवश्यक कदम उठाए, जिससे संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सका। उन्होंने बताया कि जिले में चार लोगों की मौत हुई, जो बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर बचाव अभियान नहीं चलाया जाता तो जनहानि का आंकड़ा और अधिक हो सकता था।
उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और लापता लोगों की तलाश करना था। बचाव अभियान पूरा होने के बाद अब सरकार पुनर्वास और आधारभूत सुविधाओं की बहाली पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रभावित इलाकों में सड़कों, पुलों, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं को जल्द सामान्य बनाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार बिजली आपूर्ति लगभग पूरी तरह बहाल कर दी गई है और अधिकांश क्षेत्रों में लोगों को फिर से विद्युत सेवा मिलने लगी है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि पेयजल आपूर्ति अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। बाढ़ के कारण जल शक्ति विभाग की कई योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे कई गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलापूर्ति बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाए।
दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के सामने कई सुझाव और मांगें रखीं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जहां संभव होगा, उन्हें जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों का स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना भी है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जिन परिवारों के मकान बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। वहीं जिन लोगों की जमीन पूरी तरह बह गई है और जहां दोबारा निर्माण संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने के लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रभावित परिवारों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था जारी रहेगी ताकि किसी भी व्यक्ति को भोजन जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी तेजी से सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिवार के साथ खड़ी है और नुकसान की भरपाई के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्रशासन को पारदर्शिता के साथ राहत वितरण और पुनर्वास कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए।
राजौरी में आई बाढ़ ने कई गांवों को प्रभावित किया है और बड़ी संख्या में लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में सरकार का ध्यान अब राहत से आगे बढ़कर स्थायी पुनर्वास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री के दौरे से प्रभावित लोगों को उम्मीद है कि राहत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया और तेज होगी।