वाराणसी: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार को रनवे में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक मेंटेनेंस का काम चला। रनवे पर रखरखाव कार्य के चलते हवाई यातायात प्रभावित हुआ और कम से कम तीन उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। इस दौरान यात्रियों को उड़ानों के इंतजार में परेशानी का सामना करना पड़ा।
रनवे में समस्या सामने आने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल तकनीकी टीम को सक्रिय किया। करीब 1.5 घंटे तक आवश्यक रखरखाव और जांच का काम किया गया। इस दौरान विमानों के आवागमन को नियंत्रित किया गया, जिससे कुछ उड़ानों के निर्धारित संचालन में बदलाव करना पड़ा।
घटना का सबसे अधिक असर इंडिगो की उड़ानों पर देखने को मिला। जानकारी के मुताबिक इंडिगो की एक फ्लाइट को काफी देर तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। रनवे पर परिचालन सामान्य नहीं होने के कारण विमान को तत्काल लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद फ्लाइट संख्या 6E-5025 को अयोध्या डायवर्ट किया गया।
फ्लाइट डायवर्ट होने के बाद यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करना पड़ा। विमान संचालन में इस तरह के बदलाव का सीधा असर यात्रियों की समय-सारिणी पर पड़ता है। जिन यात्रियों को वाराणसी पहुंचना था, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था और आगे की यात्रा को लेकर जानकारी का इंतजार करना पड़ा।
इंडिगो की दो अन्य उड़ानें भी रनवे से जुड़ी समस्या के कारण प्रभावित हुईं। हालांकि, एयरपोर्ट पर मेंटेनेंस का काम पूरा होने के बाद परिचालन को सामान्य करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया। संबंधित टीमों ने रनवे की स्थिति की जांच करने के साथ विमान संचालन को सुरक्षित तरीके से बहाल करने पर ध्यान दिया।
वाराणसी एयरपोर्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण हवाई संपर्क केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में घरेलू उड़ानों का संचालन होता है। वाराणसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण शहर है, जिसके कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। ऐसे में रनवे से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या का असर कई उड़ानों और यात्रियों पर पड़ सकता है।
रनवे किसी भी एयरपोर्ट के संचालन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए रनवे की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित होना जरूरी है। इसलिए रनवे में किसी तरह की खराबी सामने आने पर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों को कुछ समय के लिए नियंत्रित किया जाता है। वाराणसी एयरपोर्ट पर भी रखरखाव कार्य के दौरान इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई।
मेंटेनेंस के दौरान यात्रियों को संभावित देरी और उड़ान संचालन में बदलाव का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से हवा में चक्कर काट रही इंडिगो की फ्लाइट को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करने का फैसला लिया गया। विमानन क्षेत्र में खराब मौसम, तकनीकी समस्या या रनवे संबंधी दिक्कत की स्थिति में उड़ानों को वैकल्पिक एयरपोर्ट पर भेजना सुरक्षा की दृष्टि से सामान्य प्रक्रिया है।
घटना के बाद एयरपोर्ट पर परिचालन को दोबारा सुचारु करने के प्रयास किए गए। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि ऐसी परिस्थितियों में अपनी एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी लेते रहें, क्योंकि रनवे या अन्य तकनीकी कारणों से उड़ानों के समय और रूट में अचानक बदलाव हो सकता है।
वाराणसी एयरपोर्ट पर सामने आई इस तकनीकी समस्या ने एक बार फिर एयरपोर्ट के रनवे रखरखाव और सुरक्षित विमान संचालन की अहमियत को सामने रखा है। करीब डेढ़ घंटे तक चले मेंटेनेंस के कारण तीन उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ, जबकि इंडिगो की 6E-5025 फ्लाइट को अयोध्या डायवर्ट करना पड़ा। मेंटेनेंस पूरा होने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने परिचालन सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए।