नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच देश-दुनिया से जुड़ी कई चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच भारत की दिग्गज आईटी कंपनी Infosys की सहायक कंपनी Infosys Public Services के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी (CEO) लैक्स गोपीसेट्टी (Lax Gopisetty) से संपर्क नहीं हो पाने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। कंपनी ने शुक्रवार को पुष्टि की कि गोपीसेट्टी नेपाल की निजी यात्रा पर थे और भीषण बाढ़ के बाद फिलहाल उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है।
हालांकि, अभी यह कहना सही नहीं होगा कि गोपीसेट्टी की मौत हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह लापता अथवा संपर्क से बाहर हैं और उनकी सुरक्षा एवं स्थिति का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। Infosys ने भी उनकी स्थिति को लेकर सावधानी बरतते हुए संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क और जानकारी जुटाने की बात कही है।
नेपाल में तबाही के बीच बढ़ी चिंता
नेपाल में हालिया फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में आई बाढ़ ने कई इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कों, पुलों और दूसरे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों तथा लगातार खराब मौसम के कारण राहत और बचाव अभियान भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
ऐसे ही हालात के बीच कई लोग अपने परिवारों और परिचितों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इसी कड़ी में Infosys Public Services के CEO लैक्स गोपीसेट्टी का मामला भी सामने आया है। कंपनी के बयान के बाद उनके परिवार, सहयोगियों और कॉर्पोरेट जगत में चिंता का माहौल है।
निजी यात्रा पर नेपाल गए थे गोपीसेट्टी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लैक्स गोपीसेट्टी नेपाल व्यक्तिगत यात्रा के सिलसिले में गए थे। यह यात्रा Infosys या Infosys Public Services के किसी आधिकारिक काम से संबंधित नहीं बताई गई है। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।
Infosys Public Services, Infosys की सहायक कंपनी है और मुख्य रूप से अमेरिका तथा कनाडा के सार्वजनिक क्षेत्र के लिए तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराती है। गोपीसेट्टी इस संस्था के शीर्ष नेतृत्व में हैं, इसलिए उनके संपर्क से बाहर होने की खबर ने कंपनी के कर्मचारियों और कारोबारी जगत का ध्यान खींचा है।
Infosys ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की तत्काल प्राथमिकता गोपीसेट्टी की सुरक्षा और कुशलता सुनिश्चित करना है। कंपनी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी जुटाने और उनसे संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रही है। साथ ही, उनके परिवार के साथ भी लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।
कंपनी के रुख से यह साफ है कि फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
नेपाल में बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता
गोपीसेट्टी का मामला ऐसे समय सामने आया है जब नेपाल और तिब्बत के प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। Reuters के अनुसार, 29 अगस्त तक नेपाल में आपदा से मरने वालों की संख्या सैकड़ों में पहुंच चुकी थी और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे थे। राहत एवं बचाव कार्यों के सामने खराब मौसम, कठिन पहाड़ी इलाका और संचार व्यवस्था में व्यवधान जैसी कई चुनौतियां हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी इस आपदा के बाद लापता बताए गए हैं। भारत और नेपाल के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
परिवार और कंपनी को सुरक्षित वापसी की उम्मीद
लैक्स गोपीसेट्टी के मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात उनकी सुरक्षा और लोकेशन का पता लगाना है। Infosys की ओर से संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। कंपनी ने उनके परिवार को भी हरसंभव सहायता देने की बात कही है।
ऐसे संकट के समय किसी व्यक्ति के बारे में अपुष्ट जानकारी फैलाना परिवार और बचाव एजेंसियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। इसलिए उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार करना जरूरी है।
नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर जोर दे रहा है। खराब मौसम और दुर्गम इलाकों के कारण अभियान में कई बाधाएं आ रही हैं। ऐसे में आने वाले घंटों में गोपीसेट्टी समेत अन्य लापता लोगों को लेकर कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल स्थिति यही है कि Infosys Public Services के CEO लैक्स गोपीसेट्टी नेपाल में बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हैं। उनकी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। कंपनी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनसे संपर्क स्थापित करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार प्रयास कर रही है।