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दिल्ली में AATS टीम ने वाहन चोर को किया गिरफ्तार,पांच गाड़ियां बरामद

दिल्ली में वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) की टीम ने एक कथित वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय श्याम उर्फ बबलू के रूप में हुई है। वह पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में स्थित शशि गार्डन […]

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  • September 19, 2026 1:19 pm IST, Published 2 hours ago

दिल्ली में वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) की टीम ने एक कथित वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय श्याम उर्फ बबलू के रूप में हुई है। वह पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में स्थित शशि गार्डन का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे और उसकी निशानदेही पर पांच वाहन बरामद करने का दावा किया है। मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर वाहन चोरी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए AATS की टीम लगातार संदिग्ध लोगों और चोरी के वाहनों से जुड़े नेटवर्क पर नजर रख रही है। इसी दौरान टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति के संबंध में जानकारी मिली। सूचना को विकसित करने के बाद पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसकी पहचान श्याम उर्फ बबलू के तौर पर की। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने उन स्थानों की पड़ताल की, जहां चोरी किए गए वाहनों को छिपाकर रखने की आशंका थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से पांच वाहन बरामद किए गए। बरामद वाहनों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन मामलों में चोरी हुए थे और उनके वास्तविक मालिक कौन हैं।

जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अकेले वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस वाहन चोरी के मामलों में आरोपी की संभावित भूमिका की जांच के साथ उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। इसके अलावा, बरामद वाहनों से संबंधित शिकायतों और पुलिस रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।

पुलिस के लिए वाहन चोरी के मामलों में बरामदगी के साथ-साथ चोरी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में आरोपी चोरी के वाहनों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाने, उनके पुर्जे अलग करने या उनकी पहचान बदलने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए जांच के दौरान बरामद वाहनों की स्थिति, नंबर और अन्य पहचान संबंधी विवरणों को सत्यापित किया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ के आधार पर वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में भी सुराग मिलने की उम्मीद है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पांचों वाहनों को कब और किन परिस्थितियों में चोरी किया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इन वाहनों को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने या ठिकाने लगाने का प्रयास तो नहीं किया था।

AATS की इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब बरामद वाहनों से जुड़े मामलों को एक-दूसरे से जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ऐसे मामलों में निगरानी और जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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