नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों के शुरुआती विकास में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चे को घर के बाद जिस वातावरण में शुरुआती देखभाल, पोषण और सीख मिलती है, उसमें आंगनवाड़ी केंद्रों और वहां काम करने वाली कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रहती है। मुख्यमंत्री ने यह बात 9वें राष्ट्रीय पोषण माह और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया और बच्चों के पोषण तथा शुरुआती शिक्षा में उनके योगदान को रेखांकित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनके शुरुआती विकास की प्रक्रिया में कई स्तरों पर योगदान देती हैं। छोटे बच्चों के लिए पोषण उपलब्ध कराने, उनके स्वास्थ्य पर नजर रखने, शुरुआती शिक्षा से जोड़ने और परिवारों को जरूरी जानकारी देने जैसे कामों में आंगनवाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का रोजमर्रा का काम बच्चों के भविष्य को आकार देने वाली बुनियादी व्यवस्था का हिस्सा है।
रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी बहनों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों के साथ अलग-अलग भूमिकाएं निभाती हैं। कई बार वे बच्चों को परिवार जैसा अपनापन देती हैं तो कई मौकों पर शुरुआती शिक्षक के रूप में उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करती हैं। बच्चों की जरूरतों को समझना और उनके विकास पर ध्यान देना उनके नियमित कार्य का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन के शुरुआती वर्षों में मिलने वाली देखभाल और पोषण का बच्चे के आगे के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, इसलिए इस क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय पोषण माह के तहत किया गया। इस दौरान बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और समग्र विकास से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाने और बच्चों, महिलाओं तथा परिवारों तक पोषण संबंधी संदेश पहुंचाने पर जोर दिया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्र इस तरह के अभियानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास है कि बच्चों की देखभाल और विकास में योगदान देने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके योगदान को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से जुड़े विषयों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही और उनके काम को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर निगम पार्षद अनीता जैन समेत अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की देखभाल और पोषण से जुड़े कार्यों में आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका को लेकर चर्चा हुई।
आंगनवाड़ी व्यवस्था देश में बच्चों और महिलाओं से जुड़ी कई बुनियादी सेवाओं को समुदाय तक पहुंचाने का माध्यम है। इन केंद्रों के जरिए बच्चों को पोषण संबंधी सहायता, शुरुआती देखभाल और पूर्व-प्राथमिक स्तर की गतिविधियों से जोड़ा जाता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और माताओं तक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाने में भी इन केंद्रों की भूमिका रहती है। ऐसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का काम केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह स्थानीय समुदाय और परिवारों से सीधे जुड़ा होता है।

दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को सामने लाने के साथ बच्चों के बेहतर पोषण और विकास को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए शुरुआती स्तर पर देखभाल, पोषण और सीखने के अवसरों को बेहतर करना जरूरी है। इसके लिए आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने और इसमें काम करने वाली कार्यकर्ताओं को आवश्यक सहयोग देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का संदेश यही रहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए परिवार के साथ-साथ समुदाय स्तर पर काम करने वाली आंगनवाड़ी व्यवस्था को भी प्रभावी और सशक्त बनाया जाना जरूरी है।