दिल्ली विश्वविद्यालय ईसी की 1282 वीं बैठक

नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1282 वीं बैठक का आयोजन बुधवार, 29 अप्रैल, 2026 को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर डीयू ईसी में गंभीर संज्ञान लिया […]

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  • April 29, 2026 7:10 pm IST, Published 18 minutes ago

नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की 1282 वीं बैठक का आयोजन बुधवार, 29 अप्रैल, 2026 को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर डीयू ईसी में गंभीर संज्ञान लिया गया। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया जिसे ईसी ने स्वीकार कर लिया। ईसी ने इस बारे में एक कमेटी का गठन किया है जो मामले को देखेगी। विश्वविद्यालय में दाखिलों के दौरान कॉलेजों में खाली सीटों को लेकर यह निर्णय लिया गया है कि जिन संयोजनों के लिए प्राप्त प्राथमिकताएं कम हैं, या जिनमें सीटें खाली रह गई हैं, उन पर कॉलेजों द्वारा पुनर्विचार किया जा सकता है। हालांकि, कोई भी मौजूदा प्रोग्राम बंद नहीं किया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के मौरिस नगर में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज के लिए 174.20 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण को भी डीयू ईसी में मंजूरी प्रदान की गई है।

  • सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर ईसी ने लिया गंभीर संज्ञान 
  • मौरिस नगर में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज के लिए बनेगा नया भवन

बैठक के आरंभ में डीयू कुलसचिव डॉ विकास गुप्ता ने पिछली ईसी बैठक के मिनट्स और एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की। गत 15 अप्रैल को आयोजित हुई डीयू एकेडमिक काउंसिल की बैठक में की गई सिफारिशों पर विचार करने के उपरांत उन्हें भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में शून्य काल के दौरान सदस्यों ने अपने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। डीयू अकादमिक परिषद की 15 अप्रैल को हुई बैठक में पारित किए गए विभिन्न संकायों के पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। चार वर्षीय स्नातक का चौथा वर्ष पूर्ण होने को देखते हुए कई विभागों के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों को भी ईसी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ‘बौद्ध अध्ययन में उन्नत अध्ययन केंद्र’ (Centre for Advanced Studies in Buddhist Studies) स्थापित किया जाएगा। ‘प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम’ (PMJVK) योजना के अंतर्गत इस परियोजना के ‘प्रथम चरण’ (Phase-I) के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से प्रशासनिक अनुमोदन पहले ही प्राप्त हो चुका है।

सेंट स्टीफंस के मामले में ईसी द्वारा कमेटी गठित

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर डीयू ईसी में गंभीर संज्ञान लिया गया। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में कॉलेज द्वारा शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के इस उल्लंघन का विषय उठाए जाने पर कार्यकारी परिषद ने यह निर्णय लिया कि कॉलेज को अनुशंसित उम्मीदवारों को नियुक्ति आदेश जारी करने से रोका जाए और इस संबंध में परामर्श दिया जाए, क्योंकि कॉलेज द्वारा अपनाया गया शॉर्टलिस्टिंग मानदंड विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप नहीं है और त्रुटिपूर्ण है। इसे लेकर ईसी द्वारा इस मामले में एक कमेटी का गठन किया गया है। डीयू रजिस्ट्रार द्वारा सेंट स्टीफंस कॉलेज के प्रिंसिपल को एक पत्र के द्वारा सूचित किया गया है। बैठक के दौरान सदस्यों द्वारा बताया गया कि कॉलेज द्वारा प्रत्येक अनारक्षित रिक्ति के लिए 70 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के मानदंड का पालन किया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद और कार्यकारी परिषद ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए इंटरव्यू हेतु उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए एक मानदंड पारित किया हुआ है। इस मानदंड के अनुसार प्रत्येक रिक्ति के लिए 40 उम्मीदवारों को और बाद की रिक्तियों के लिए 20 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाना होता है। इस मुद्दे की जांच हेतु कार्यकारी परिषद द्वारा गठित कमेटी में कार्यकारी परिषद (ईसी) में कुलाधिपति के नामित सदस्य प्रो. इंदर मोहन कपाही अध्यक्ष होंगे। उनके साथ ईसी सदस्य अमन कुमार, ईसी सदस्य डॉ. मोनिका अरोड़ा, ईसी सदस्य डॉ. एल.एस. चौधरी सदस्य होंगे और संयुक्त रजिस्ट्रार (कॉलेज) कमेटी के सचिव बनाए गए हैं।

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