कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कुल्लू दशहरा के अवसर पर देव संस्कृति से जुड़े लोगों, महिला मंडलों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने देवी-देवताओं के नजराने में पांच प्रतिशत और बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। इसके अलावा देवताओं के गूर को 1100 रुपये प्रति व्यक्ति देने और महिला मंडलों को 35-35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की घोषणा की। इन फैसलों को प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत देते हुए मकान बनाने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता सात लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने की घोषणा की। इस कदम का उद्देश्य उन परिवारों को मदद पहुंचाना है, जिनके घर आपदा के कारण क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए नियमों और कानूनों में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। बढ़ी हुई राशि से प्रभावित परिवारों को अपने घरों का पुनर्निर्माण करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि महिला के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर चार प्रतिशत शुल्क लगेगा, जबकि पुरुष के नाम पर रजिस्ट्री कराने के लिए आठ प्रतिशत शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इस संबंध में जल्द अधिसूचना जारी किए जाने की बात कही गई। सरकार के इस कदम को महिलाओं के नाम पर संपत्ति के स्वामित्व को प्रोत्साहित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इसके लागू होने की प्रक्रिया और विस्तृत शर्तें संबंधित अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट होंगी।
कुल्लू जिले में बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने भुंतर में विद्युत उपमंडल खोलने का ऐलान किया। इससे क्षेत्र के लोगों को बिजली से संबंधित शिकायतों और अन्य सेवाओं के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कुल्लू में जल्द चुंबकीय अनुनाद चित्रण यानी एमआरआई की सुविधा उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई। इस सुविधा से मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने बंजार अस्पताल और बजौरा स्कूल में सुरक्षा दीवार बनाने की भी घोषणा की। इन कार्यों से अस्पताल और स्कूल परिसर की सुरक्षा बेहतर करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर की ओर से उठाई गई मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रयासों की सराहना भी की। शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार अनाथ बच्चों की देखभाल और उनकी पढ़ाई का खर्च उठा रही है। विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
इसके अतिरिक्त, सालाना 12 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण देने की व्यवस्था का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री की घोषणाओं में सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने, आपदा प्रभावितों को आर्थिक सहायता देने, महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य व बिजली सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया। अब इन घोषणाओं को जमीन पर लागू करने के लिए संबंधित विभागों की कार्रवाई और अधिसूचनाओं का इंतजार रहेगा। इनके प्रभाव का आकलन योजनाओं के क्रियान्वयन और लोगों तक मिलने वाले लाभ के आधार पर किया जा सकेगा।