22 किमी दूर पहाड़ों में बना शिमला एयरपोर्ट, अब क्यों सूना?

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 22 किलोमीटर दूर पहाड़ियों और चीड़ के जंगलों के बीच स्थित जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट इन दिनों एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में है। पोस्ट में एयरपोर्ट के रनवे और आसपास के क्षेत्र का वीडियो साझा करते हुए दावा किया गया है कि यहां फिलहाल विमानों […]

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  • September 16, 2026 8:35 am IST, Published 28 minutes ago

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 22 किलोमीटर दूर पहाड़ियों और चीड़ के जंगलों के बीच स्थित जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट इन दिनों एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में है। पोस्ट में एयरपोर्ट के रनवे और आसपास के क्षेत्र का वीडियो साझा करते हुए दावा किया गया है कि यहां फिलहाल विमानों की आवाजाही बेहद कम दिखाई दे रही है और खराब मौसम तथा धुंध के कारण उड़ानों पर असर पड़ा है। हालांकि, किसी खास तारीख पर उड़ानों के पूरी तरह बंद होने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं मिली है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अनुसार, शिमला एयरपोर्ट यानी जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट शिमला शहर से 22 किलोमीटर दूर स्थित है। यह एयरपोर्ट समुद्र तल से लगभग 5,073 फीट की ऊंचाई पर है और पहाड़ी भूगोल के बीच बनाया गया है।

पहाड़ काटकर तैयार किया गया है रनवे

शिमला एयरपोर्ट की सबसे खास बात इसका भौगोलिक स्वरूप है। AAI के आधिकारिक विवरण के मुताबिक एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पहाड़ के एक हिस्से को काटकर जमीन को समतल किया गया और वहां रनवे तैयार किया गया। यही वजह है कि सामान्य मैदानी इलाकों के एयरपोर्ट की तुलना में यहां का भूगोल अलग दिखाई देता है।

एयरपोर्ट पर सीमित आकार का एप्रन और छोटा टर्मिनल है। AAI के मौजूदा विवरण में एयरपोर्ट को शिमला की हवाई कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सुविधा के तौर पर दर्ज किया गया है। एयरपोर्ट का IATA कोड SLV और ICAO कोड VISM है।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में रनवे का बड़ा हिस्सा खाली दिखाई देता है। आसपास हरियाली, पेड़-पौधे और पहाड़ी भूभाग नजर आता है। वीडियो के साथ किए गए दावे में कहा गया है कि शिमला से करीब 22 किलोमीटर दूर यह एयरपोर्ट चीड़ के जंगलों के बीच बना है और यहां विमानों की आवाजाही कम दिखाई दे रही है।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि 27 अगस्त के बाद खराब मौसम और धुंध के कारण उड़ानों पर असर पड़ा। हालांकि, इस दावे को किसी एक आधिकारिक उड़ान-रद्दीकरण आदेश के आधार पर स्थापित करना संभव नहीं है। इसलिए इसे सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

AAI की वेबसाइट पर शिमला एयरपोर्ट के लिए अलग से फ्लाइट डिटेल्स पेज उपलब्ध है, जहां आगमन और प्रस्थान से जुड़ी जानकारी देखने की सुविधा दी गई है।

पहाड़ी एयरपोर्ट के सामने मौसम बड़ी चुनौती

शिमला जैसे पहाड़ी क्षेत्र में विमान संचालन मैदानी एयरपोर्ट से अलग परिस्थितियों में होता है। एयरपोर्ट की ऊंचाई, आसपास का पहाड़ी भूगोल और मौसम की स्थिति विमान परिचालन के लिए महत्वपूर्ण कारक होते हैं। AAI के विमानन संबंधी दस्तावेज में शिमला एयरपोर्ट को VFR यानी Visual Flight Rules के तहत संचालित होने वाले एयरड्रोम के रूप में दर्ज किया गया है।

इसका मतलब यह है कि दृश्यता और मौसम संबंधी परिस्थितियां उड़ान संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पहाड़ी इलाकों में कम दृश्यता, बादल, बारिश या अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में उड़ानों के समय और संचालन पर प्रभाव पड़ सकता है।

हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि हर मौसम खराब होने पर एयरपोर्ट पूरी तरह बंद हो जाता है। किसी विशेष उड़ान के रद्द, विलंबित या संचालित होने की जानकारी संबंधित एयरलाइन और एयरपोर्ट की आधिकारिक सूचना से ही प्रमाणित मानी जानी चाहिए।

छोटा लेकिन महत्वपूर्ण एयरपोर्ट

शिमला एयरपोर्ट का टर्मिनल आकार भी अपेक्षाकृत छोटा है। AAI के आधिकारिक विवरण के मुताबिक टर्मिनल की क्षमता आगमन के समय करीब 50 यात्रियों और प्रस्थान के समय करीब 40 यात्रियों की है। AAI के एक अन्य आधिकारिक पेज पर एप्रन की क्षमता छोटे विमानों के अनुरूप बताई गई है।

यही कारण है कि यह एयरपोर्ट देश के बड़े महानगरों के विशाल हवाई अड्डों से बिल्कुल अलग नजर आता है। यहां की पहचान बड़े पैमाने के विमान परिचालन से ज्यादा शिमला की क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ी है।

पर्यटन के लिए हवाई कनेक्टिविटी अहम

शिमला देश के प्रमुख पर्वतीय पर्यटन स्थलों में शामिल है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट शहर से लगभग 23 किलोमीटर दूर है और शिमला पहुंचने के लिए हवाई मार्ग उपलब्ध है।

पर्यटकों के लिए सड़क और रेल के साथ हवाई कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण है। दिल्ली और अन्य शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए हवाई सेवा उपलब्ध होने पर सड़क यात्रा के मुकाबले समय बच सकता है। दूसरी ओर, मौसम से जुड़ी परिचालन बाधाएं होने पर यात्रियों को वैकल्पिक सड़क या रेल मार्ग का सहारा लेना पड़ सकता है।

वायरल तस्वीर ने फिर खींचा ध्यान

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की वजह से एक बार फिर जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट की चर्चा तेज हुई है। वीडियो में जिस तरह रनवे के आसपास हरियाली और पहाड़ी क्षेत्र दिखाई देता है, वह इसे देश के अन्य व्यस्त एयरपोर्ट से अलग दृश्य देता है।

लेकिन वीडियो में किसी समय विमान दिखाई नहीं देना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि एयरपोर्ट पूरी तरह बंद है। उड़ानों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एयरलाइन की अपडेट और AAI की आधिकारिक फ्लाइट जानकारी देखना जरूरी है। AAI की वेबसाइट पर शिमला एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट डिटेल्स उपलब्ध कराई गई हैं।

क्या है पूरी तस्वीर?

शिमला का जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट वास्तव में पहाड़ी क्षेत्र में निर्मित एक विशिष्ट एयरपोर्ट है। यह शिमला शहर से करीब 22 किलोमीटर दूर है और पहाड़ को काटकर तैयार किए गए रनवे के कारण इसकी भौगोलिक बनावट खास है।

वायरल पोस्ट में खराब मौसम और धुंध के कारण उड़ानों के प्रभावित होने का दावा किया गया है, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों से 27 अगस्त के बाद सभी उड़ानों के बंद होने की पुष्टि नहीं होती। इसलिए खबर को इस तथ्य के साथ देखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर दिखाई गई स्थिति किसी खास समय की हो सकती है।

फिलहाल शिमला एयरपोर्ट अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित आकार और मौसम पर निर्भर परिचालन के कारण चर्चा में है। पहाड़ों के बीच बना यह एयरपोर्ट शिमला की हवाई कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी उड़ानों की ताजा स्थिति यात्रियों को यात्रा से पहले आधिकारिक स्रोतों से जांचनी चाहिए।

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