सोलन/जाबली। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में अचानक बढ़ते पानी और मलबे का खतरा एक बार फिर सामने आया है। धर्मपुर क्षेत्र के जाबली में तेज बारिश के दौरान एक दुकान के पास अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव पहुंच गया। हालात इतनी तेजी से बिगड़े कि दुकानदार को अपनी जान बचाने के लिए दुकान से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागना पड़ा। कुछ ही सेकंड बाद भारी मलबा दुकान के भीतर जा घुसा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग हैरान हैं।
चंद सेकंड की देरी पड़ सकती थी भारी
जाबली में सामने आए घटनाक्रम ने यह दिखा दिया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान हालात कितनी तेजी से बदल सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र से पानी के साथ मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया। यह बहाव दुकान तक पहुंच गया। स्थिति को भांपते हुए दुकानदार समय रहते बाहर निकल गया।
दुकानदार के बाहर निकलने के कुछ ही क्षण बाद पानी और मलबे का तेज बहाव दुकान की तरफ आया और दुकान के अंदर मलबा भर गया। स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो में घटनाक्रम की भयावहता साफ नजर आती है।
जाबली में बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
धर्मपुर और जाबली क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव तथा पानी के तेज बहाव की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। पहाड़ी इलाकों में छोटे नालों और जलधाराओं में अचानक पानी बढ़ने से आसपास मौजूद दुकानों, घरों और सड़कों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, हालिया बारिश के दौरान जाबली और आसपास के क्षेत्रों में पानी और मलबे के बहाव ने सामान्य गतिविधियों को प्रभावित किया। कई स्थानों पर जलभराव और सड़क मार्गों पर परेशानी की स्थिति भी सामने आई।
वायरल वीडियो में दिखा डरावना मंजर
जाबली की घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में दुकानदार को दुकान से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद कुछ ही समय में दुकान की तरफ तेज पानी और मलबे का बहाव पहुंचता दिखाई देता है।
घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि दुकानदार ने खतरे को समय रहते भांप लिया। यदि वह कुछ और समय दुकान के भीतर रुकता, तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती थी। इसी वजह से यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
सोलन में भारी बारिश से पहले भी नुकसान
जाबली की घटना कोई अलग तस्वीर नहीं है। सोलन जिले के परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में भी हालिया भारी बारिश के कारण सड़क, पुलिया, दुकानों और अन्य स्थानों पर पानी तथा मलबे का असर देखने को मिला। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, परवाणू क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सड़क और कलवर्ट को नुकसान पहुंचा था, जबकि जाबली के पास एक दुकान में पानी भरने और नुकसान की जानकारी भी सामने आई थी।
बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से मलबा आने का खतरा भी बढ़ जाता है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां सड़क निर्माण, पहाड़ी कटान या प्राकृतिक जल निकासी के रास्ते प्रभावित हुए हैं, वहां तेज बारिश के दौरान स्थिति अचानक गंभीर हो सकती है।
मौसम विभाग ने भी जताई थी भारी बारिश की संभावना
हिमाचल प्रदेश में सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने राज्य में कई स्थानों पर बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई थी। सोलन सहित कुछ जिलों के लिए भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई थी।
ऐसे मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और सड़क किनारे कारोबार करने वालों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। अचानक आने वाले पानी और मलबे का बहाव कुछ ही मिनटों में सामान्य स्थिति को खतरनाक बना सकता है।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सावधानी
बारिश के दौरान पहाड़ी नालों, पुलियों, ढलानों और जल निकासी वाले रास्तों के पास अनावश्यक रूप से रुकना जोखिम भरा हो सकता है। यदि किसी इलाके में अचानक पानी का बहाव बढ़ता दिखाई दे या मलबा नीचे की ओर आता नजर आए, तो तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाना सबसे जरूरी है।
स्थानीय लोगों को मौसम खराब होने की स्थिति में नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। दुकानदारों को भी दुकान के आसपास पानी की निकासी के रास्तों पर नजर रखनी चाहिए और खतरे के संकेत मिलने पर सामान बचाने के बजाय पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
बड़ी अनहोनी टली, लेकिन खतरा बरकरार
जाबली में दुकानदार का समय रहते बाहर निकल जाना राहत की बात है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस घटना में किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक पैदा होने वाले खतरे को जरूर उजागर कर दिया है।
कुछ सेकंड में बदलती परिस्थितियों ने साफ कर दिया कि पहाड़ों में बारिश को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। जाबली की घटना लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
नोट: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और साझा की गई तस्वीर/घटना के आधार पर मौलिक समाचार शैली में तैयार की गई है। किसी स्रोत की भाषा की हूबहू नकल नहीं की गई है।