गृह मंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की स्मृति और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराया। शाह के मुताबिक, यह विशाल प्रतिमा सरदार पटेल के व्यक्तित्व और देश के एकीकरण में उनकी भूमिका को सम्मान देने का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि पटेल ने अपनी दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व के जरिए भारत की एकता और अखंडता की नींव मजबूत की थी।
सरदार साहब का जीवन हर युवा के लिए त्याग और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा है। ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर नई दिल्ली में आयोजित ‘एकता दौड़’ से लाइव… https://t.co/8rm9MNgE2Z
— Amit Shah (@AmitShah) October 31, 2026
खुर्शीद ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सामने कई ऐसी मिसालें पेश कीं, जिनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के नेताओं पर भी पड़ा। उन्होंने कहा कि विश्व इतिहास में ऐसे बहुत कम प्रधानमंत्री हुए हैं, जिन्होंने किसी नए राष्ट्र के निर्माण और उसकी दिशा तय करने में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। उनके अनुसार, इंदिरा गांधी की उपलब्धियां और नेतृत्व भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर देश के प्रमुख ऐतिहासिक नेताओं की विरासत को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस को सामने ला दिया है। दोनों दल अपने-अपने तरीके से सरदार पटेल के योगदान और उनके सम्मान को लेकर अपनी बात रख रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक बयानबाजी के बीच सरदार पटेल और इंदिरा गांधी के ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा भी तेज हो गई है।