हॉरर फिल्म का खौफनाक सीन देख उल्हास कामठे को आया अटैक

मुंबई: हॉरर फिल्में दर्शकों को डराने और रोमांचित करने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन कभी-कभी पर्दे पर दिखने वाला डर वास्तविक जिंदगी में भी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसा ही एक मामला हिंदी हॉरर फिल्म ‘झाड़ फूंक’ के प्रीमियर के दौरान सामने आया, जहां सोशल मीडिया पर ‘चिकन लेग पीस मैन’ के […]

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  • November 1, 2026 11:31 pm IST, Published 4 minutes ago

मुंबई: हॉरर फिल्में दर्शकों को डराने और रोमांचित करने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन कभी-कभी पर्दे पर दिखने वाला डर वास्तविक जिंदगी में भी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसा ही एक मामला हिंदी हॉरर फिल्म ‘झाड़ फूंक’ के प्रीमियर के दौरान सामने आया, जहां सोशल मीडिया पर ‘चिकन लेग पीस मैन’ के नाम से मशहूर फूड इन्फ्लुएंसर उल्हास कामठे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। फिल्म का डरावना दृश्य देखते समय उन्हें पैनिक अटैक आने की जानकारी सामने आई। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

इस घटना की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से होने लगी। शुरुआत में कई पोस्ट में इसे हार्ट अटैक बताया गया, लेकिन बाद में फिल्म के निर्देशक की ओर से सामने आई जानकारी में स्पष्ट किया गया कि उल्हास को हार्ट अटैक नहीं, बल्कि पैनिक या एंग्जायटी अटैक आया था। राहत की बात यह रही कि अस्पताल में उपचार मिलने के बाद उनकी स्थिति बेहतर हो गई और उन्हें छुट्टी दे दी गई।

फिल्म के डरावने दृश्य के दौरान बिगड़ी तबीयत

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना मुंबई में हॉरर फिल्म ‘झाड़ फूंक’ के प्रीमियर के दौरान हुई। उल्हास कामठे फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देने और स्क्रीनिंग में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में फिल्म से जुड़े कलाकारों और अन्य मेहमानों की मौजूदगी थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन फिल्म शुरू होने के कुछ समय बाद एक डरावना दृश्य देखते हुए उल्हास की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

बताया गया कि दृश्य के दौरान उन्हें घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगी। उनकी परेशानी बढ़ती देख आसपास मौजूद दोस्तों और फिल्म की टीम के सदस्यों ने तत्काल सहायता की। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की और आवश्यक उपचार दिया।

इस घटना ने प्रीमियर में मौजूद लोगों को भी चिंतित कर दिया। जिस कार्यक्रम में दर्शकों को फिल्म के डर और रोमांच का अनुभव कराना था, वहां अचानक एक मेहमान की तबीयत बिगड़ने से माहौल बदल गया।

निर्देशक राजन रामगोपाल वर्मा ने बताई पूरी घटना

फिल्म के निर्देशक राजन रामगोपाल वर्मा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए उल्हास कामठे की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दी। उनके अनुसार, उल्हास उनके करीबी मित्र हैं और फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देने के उद्देश्य से प्रीमियर में पहुंचे थे।

निर्देशक ने बताया कि फिल्म की शुरुआत में ही उल्हास को एंग्जायटी या पैनिक अटैक की समस्या हुई। इसके बाद बिना देरी किए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उपचार उपलब्ध कराया।

निर्देशक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, करीब एक घंटे तक चिकित्सकीय देखरेख में रहने के बाद उल्हास को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उन्होंने यह भी बताया कि उल्हास अब ठीक हैं और उनकी स्थिति को लेकर राहत की बात है।

इस जानकारी के सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया फॉलोअर्स ने राहत की सांस ली। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आधिकारिक चिकित्सकीय जानकारी को ही प्राथमिकता देना जरूरी है।

कौन हैं उल्हास कामठे, सोशल मीडिया पर क्यों हैं मशहूर?

उल्हास कामठे सोशल मीडिया पर अपने अनोखे फूड वीडियो और खाने के खास अंदाज के लिए लोकप्रिय हैं। उन्हें इंटरनेट पर ‘चिकन लेग पीस मैन’ के नाम से भी पहचाना जाता है। उनके वीडियो में अक्सर चिकन, मटन और अन्य नॉनवेज व्यंजनों को खाते हुए देखा जाता है।

उनकी पहचान केवल खाने के वीडियो तक सीमित नहीं है। उनका प्रस्तुत करने का अंदाज, भोजन के प्रति उत्साह और कैमरे के सामने उनकी अलग शैली उन्हें दूसरे फूड कंटेंट क्रिएटर्स से अलग बनाती है। यही वजह है कि उनके वीडियो को बड़ी संख्या में लोग देखते और सोशल मीडिया पर साझा करते हैं।

उनकी लोकप्रियता के कारण प्रीमियर के दौरान हुई इस घटना ने भी जल्द ही लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में यूजर्स उनके स्वास्थ्य को लेकर सवाल पूछने लगे और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करने लगे।

हार्ट अटैक और पैनिक अटैक में क्या होता है अंतर?

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर हार्ट अटैक और पैनिक अटैक को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने शुरुआती खबरों को देखकर दोनों स्थितियों को एक जैसा समझ लिया, जबकि चिकित्सकीय दृष्टि से ये अलग-अलग समस्याएं हैं।

हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट के कारण रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इसके लक्षणों में सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर और कभी-कभी हाथ, पीठ या जबड़े में दर्द शामिल हो सकते हैं।

वहीं, पैनिक अटैक अचानक तीव्र भय या घबराहट की स्थिति है। इसमें व्यक्ति को तेज धड़कन, पसीना, सांस लेने में परेशानी, कंपकंपी, चक्कर और कुछ बुरा होने का तीव्र डर महसूस हो सकता है। कई बार इसके लक्षण हार्ट अटैक जैसे लग सकते हैं।

इसलिए सीने में दर्द, सांस की तकलीफ या अचानक गंभीर बेचैनी होने पर स्वयं बीमारी का अनुमान लगाना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। केवल लक्षणों के आधार पर हार्ट अटैक और पैनिक अटैक के बीच अंतर करना सुरक्षित नहीं है।

क्या डरावनी फिल्में सेहत पर डाल सकती हैं असर?

हॉरर फिल्मों का उद्देश्य दर्शकों में डर, तनाव, उत्सुकता और रोमांच पैदा करना होता है। फिल्म में अचानक आने वाली आवाजें, अंधेरे दृश्य, अप्रत्याशित घटनाएं और डरावने चेहरे दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

कुछ लोगों को ऐसी फिल्में देखने में बहुत आनंद आता है, जबकि कुछ लोग डरावने दृश्यों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे दर्शकों को फिल्म देखते समय बेचैनी, तेज धड़कन या घबराहट महसूस हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव एक जैसा नहीं होता।

यदि किसी व्यक्ति को पहले से अत्यधिक घबराहट, पैनिक अटैक या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है, तो उसे अपनी क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर ऐसी फिल्में देखनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर फिल्म बीच में छोड़ना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

सोशल मीडिया पर चर्चा, उल्हास के जल्द स्वस्थ होने की कामना

उल्हास कामठे की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। उनके प्रशंसकों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। वहीं, कुछ यूजर्स ने इस घटना को हॉरर फिल्मों के प्रभाव से जोड़कर चर्चा की।

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि शुरुआती खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट में हार्ट अटैक का उल्लेख किया गया, जबकि निर्देशक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें पैनिक अटैक आया था। इसलिए बिना पुष्टि के किसी की बीमारी को लेकर भ्रामक जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में उपचार के बाद उल्हास कामठे को छुट्टी दे दी गई और उनकी स्थिति ठीक बताई गई है।

‘झाड़ फूंक’ फिल्म भी बनी चर्चा का विषय

इस घटना के बाद हॉरर फिल्म ‘झाड़ फूंक’ भी चर्चा में आ गई है। फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे, यशपाल शर्मा, सुम्बुल तौकीर खान और हर्ष राजपूत जैसे कलाकार नजर आते हैं। फिल्म का निर्देशन राजन रामगोपाल वर्मा ने किया है।

फिल्म की कहानी रहस्य, डर और अलौकिक घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। इसकी कहानी में एक गर्भवती महिला आस्था की जिंदगी में आने वाली रहस्यमयी घटनाओं को दिखाया गया है। एक सड़क दुर्घटना के बाद वह अनजान लोगों के बीच पहुंच जाती है और इसके बाद उसके सामने कई डरावने रहस्य खुलने लगते हैं।

फिल्म 30 अक्टूबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है। प्रीमियर के दौरान उल्हास कामठे की तबीयत बिगड़ने की घटना ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता के साथ-साथ स्वास्थ्य और मानसिक प्रतिक्रिया से जुड़ी चर्चा को भी बढ़ा दिया है।

निष्कर्ष: उल्हास कामठे के साथ हुई घटना ने यह दिखाया कि मनोरंजन के दौरान भी स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, राहत की बात है कि निर्देशक की ओर से मिली जानकारी के अनुसार उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और वह स्वस्थ हैं। इस मामले में हार्ट अटैक और पैनिक अटैक के बीच सही अंतर समझना भी बेहद जरूरी है, ताकि सोशल मीडिया पर किसी तरह की गलत या भ्रामक खबर न फैले।

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