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कांग्रेस की रैली वाली तस्वीर पर AI विवाद, प्रियंका गांधी को लेकर भी बीजेपी का हमला

इंडिया गठबंधन ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की थी। इस कार्यक्रम में कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन के कई घटक दलों के नेताओं ने भाग लिया। रैली का उद्देश्य चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर...

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  • November 2, 2026 12:10 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित रैली के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस रैली में कांग्रेस समेत गठबंधन के कई दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्षी दलों की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया गया। हालांकि, रैली के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई रैली की एक तस्वीर पर सवाल उठाते हुए एआई से फोटो तैयार करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम पर भी कटाक्ष किया।

किरेन रिजिजू ने रविवार, 1 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस की ओर से साझा की गई तस्वीर को पोस्ट किया। इसके साथ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में भारी भीड़ दिखाने के लिए कांग्रेस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का सहारा लिया है। रिजिजू ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस मैदान को भीड़ से भरा हुआ दिखाना चाहती थी तो उसे कम से कम एआई से तैयार तस्वीर को ठीक तरीके से बनाना चाहिए था। उन्होंने कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम के कामकाज पर भी सवाल उठाए।

हालांकि, रिजिजू की ओर से लगाए गए एआई इस्तेमाल के आरोप को लेकर तस्वीर की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना जरूरी है। सोशल मीडिया पर किसी तस्वीर को लेकर राजनीतिक आरोप लगने के बाद उसकी वास्तविकता और स्रोत की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल बीजेपी नेता ने इस तस्वीर को आधार बनाकर कांग्रेस पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।

दरअसल, इंडिया गठबंधन ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की थी। इस कार्यक्रम में कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन के कई घटक दलों के नेताओं ने भाग लिया। रैली का उद्देश्य चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर विपक्ष की चिंताओं तथा विरोध को सार्वजनिक रूप से सामने रखना था। गठबंधन के नेताओं ने इस कार्यक्रम के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।

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रैली से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी दलों के नेताओं की मुलाकात हुई। इसके बाद नेता खुली बसों में सवार होकर मिंटो ब्रिज पहुंचे और वहां से रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए। इस दौरान बस में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी सहित कई प्रमुख नेता नजर आए। बस में राहुल गांधी आगे की ओर बैठे दिखाई दिए, जबकि प्रियंका गांधी उनसे पीछे की सीट पर थीं। इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने।

रैली में विपक्षी नेताओं की एकजुटता के प्रदर्शन के बीच बीजेपी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर भी सवाल उठाए। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि प्रियंका गांधी को रैली में बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इस मुद्दे को आधार बनाकर कांग्रेस के भीतर कथित मतभेदों की ओर इशारा किया। बीजेपी की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि एक ही परिवार के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी के बावजूद प्रियंका गांधी को मंच पर बोलने का मौका क्यों नहीं मिला।

दूसरी तरफ, इंडिया गठबंधन की इस रैली को विपक्षी दलों की साझा राजनीतिक गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव आयोग की भूमिका और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पहले भी सवाल उठाता रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए गठबंधन के नेताओं ने अपनी आपत्तियों को एक मंच पर रखने की कोशिश की।फिलहाल रामलीला मैदान की रैली के बाद राजनीतिक बहस दो मुद्दों पर केंद्रित हो गई है। एक तरफ बीजेपी कांग्रेस की साझा की गई तस्वीर को लेकर एआई के इस्तेमाल का आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ प्रियंका गांधी को भाषण का मौका नहीं मिलने का मुद्दा उठा रही है। वहीं, विपक्ष की ओर से आयोजित रैली का मूल विषय चुनाव आयोग से जुड़े सवाल बने हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बीजेपी और इंडिया गठबंधन के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

 

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