अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के गठन में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला था। राज्य निर्माण के समय से ही भाजपा ने उत्तराखंड की पहचान और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने जिस उद्देश्य के साथ इस राज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया था, उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आज की सरकारों पर है।
गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की जरूरतों को समझते हुए यहां बुनियादी सुविधाओं, सड़क संपर्क, धार्मिक पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड को विकास के ऐसे रास्ते पर आगे बढ़ाया जाए, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ उसकी सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान भी सुरक्षित रहे।
अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड को एक विकसित राज्य बनाना सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाएगा। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड को भी इस संकल्प में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उनका विश्वास है कि राज्य विकास के नए मुकाम हासिल कर सकता है।
प्रकृति व संस्कृति की पुण्य भूमि उत्तराखंड भाजपा सरकार में प्रगति की भूमि भी बन रही है। इस वर्ष उत्तराखंड अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण कर रहा है। देहरादून में आयोजित ‘उत्तराखंड राज्योत्सव’ समारोह को संबोधित कर रहा हूँ… https://t.co/lEVAXDAfQT
— Amit Shah (@AmitShah) November 6, 2026
अपने राजनीतिक संबोधन में अमित शाह ने आगामी चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की जो प्रक्रिया शुरू हुई है, उसे निरंतर जारी रखने की जरूरत है। उनके मुताबिक, प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और मजबूत बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देती है। हालांकि, उनका यह बयान भाजपा के राजनीतिक विश्वास और आगामी चुनावी रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का राज्य स्थापना दिवस समारोह में पहुंचने पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और प्राचीन भारतीय सभ्यता से जुड़े प्रतीक चिह्न भेंट किए। इस अवसर पर राज्य की परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक गौरव को प्रदर्शित किया गया। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस प्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है। लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था। इस दिन प्रदेश के लोग राज्य निर्माण में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को याद करते हैं और विकास की उपलब्धियों पर चर्चा करते हैं।
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में धार्मिक पर्यटन, प्राकृतिक पर्यटन, कृषि, बागवानी और स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे तीर्थस्थल देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। ऐसे में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, रोजगार के अवसर पैदा करना और स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ाना राज्य के विकास के लिए अहम माना जाता है। अमित शाह के संबोधन का मुख्य संदेश उत्तराखंड को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना रहा। उन्होंने राज्य की स्थापना में अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। साथ ही विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक उत्तराखंड विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा होगा।