नई दिल्ली। उत्तर भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 382 दर्ज किया गया, जिसके बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है। प्रदूषण को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों में हाइब्रिड मोड में पढ़ाई कराने का फैसला लिया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में तापमान गिरने से ठंड का असर बढ़ने लगा है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुक्रवार को राजधानी का औसत एक्यूआई 382 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 के प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
इसके तहत बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल इंजन वाली चार पहिया गाड़ियों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा प्रदूषण को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों में हाइब्रिड मोड अपनाने का निर्देश दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कर सकेंगे।
प्रदूषण का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का रुख बदल रहा है। प्रदेश के करीब 20 जिलों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 8 और 9 नवंबर को मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। इसके चलते लोगों को सुबह और शाम के समय ठंड से बचाव करने की जरूरत होगी।
उत्तराखंड में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 8 और 9 नवंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर और बढ़ सकता है। बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में भी सर्दी ने धीरे-धीरे दस्तक देनी शुरू कर दी है। राज्य में न्यूनतम तापमान में करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इससे रात के समय ठंड बढ़ गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। सुबह और देर रात ठंड का असर अधिक महसूस किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश में 8 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 10 से 12 नवंबर के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात होने के आसार हैं। बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आने के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी बढ़ सकती है।
दिल्ली में प्रदूषण, उत्तर प्रदेश में गिरता तापमान और पहाड़ी राज्यों में बारिश व बर्फबारी की संभावना इस बात का संकेत है कि उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है। एक ओर मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आने वाले दिनों में मौसम और प्रदूषण की स्थिति पर लोगों की नजर रहेगी। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार सावधानी बरतने की जरूरत है।