लखनऊ: योगी सरकार सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिपरिषद विस्तार पर आखिरकार मुहर लग गई है।राज भवन की ओर से शपथ ग्रहण समारोह का आधिकारिक आमंत्रण पत्र जारी कर दिया गया है। आज अपरान्ह 3:30 बजे गांधी सभागार स्थित जन भवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित होगा।
इस मंत्रिपरिषद विस्तार में कई नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा राज्यमंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार और कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावी समीकरणों और संगठनात्मक रणनीति को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व इस विस्तार के जरिए प्रदेश में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर विशेष फोकस किया जा सकता है। इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग, दलित और ब्राह्मण समीकरण को भी साधने की तैयारी दिखाई दे रही है।
मंत्रिपरिषद विस्तार को लेकर राजधानी लखनऊ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। संभावित मंत्रियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल है, जबकि कई नेता सुबह से ही राजभवन और भाजपा कार्यालय के आसपास सक्रिय नजर आए। पार्टी संगठन और सरकार के बीच लंबे मंथन के बाद अंतिम सूची तैयार की गई है। इस विस्तार के जरिए सरकार प्रशासनिक मजबूती के साथ-साथ राजनीतिक संदेश देने की भी तैयारी में है।
लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला बड़ा संगठनात्मक और राजनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले विधानसभा चुनावों पर भी देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजरें आज होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां नए मंत्रियों के नामों से राजनीतिक तस्वीर और साफ होगी।