नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि राजधानी के सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा दी जाएगी। साथ ही निजी कंपनियों से भी इसी व्यवस्था को अपनाने की अपील की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील देशहित में है और ईंधन बचाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। इसी दिशा में ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने पर जोर दिया जाएगा।
दिल्ली सरकार के अनुसार, सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को हर सप्ताह दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी और ईंधन की बचत में मदद मिलेगी। इसके अलावा निजी कंपनियों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वे अपने कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करें।
सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी ऐलान किया कि सरकारी अधिकारियों को मिलने वाले पेट्रोल और डीजल कोटे में 20 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी। इसके साथ ही हर सोमवार को ‘मंडे मेट्रो’ अभियान के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी मेट्रो से सफर कर दफ्तर पहुंचेंगे। सरकार ने सरकारी कॉलोनियों से मेट्रो स्टेशनों तक कर्मचारियों की सुविधा के लिए 58 बसें चलाने का भी फैसला किया है।
दिल्ली सरकार स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से भी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की अपील करेगी, ताकि ट्रैफिक और ईंधन की खपत को कम किया जा सके। इसके अलावा सरकार ने अगले छह महीनों तक नई पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग कर खर्च और ईंधन दोनों की बचत की जाएगी।