• होम
  • दुनिया
  • महायुद्ध टलने की उम्मीद: परमाणु हथियार बनाने योग्य यूरेनियम छोड़ने को राजी हुआ ईरान

महायुद्ध टलने की उम्मीद: परमाणु हथियार बनाने योग्य यूरेनियम छोड़ने को राजी हुआ ईरान

ट्रम्प बोले- डील के चांस 50-50, रविवार को होगा आखिरी फैसला तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक मोड़ आया है। अमेरिकी अखबार ‘न्यूजपेपर न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अपने पास जमा सबसे खतरनाक यानी हाईली एनरिच्ड (अत्यधिक […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • May 24, 2026 8:06 am IST, Published 3 hours ago

ट्रम्प बोले- डील के चांस 50-50, रविवार को होगा आखिरी फैसला

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक मोड़ आया है। अमेरिकी अखबार ‘न्यूजपेपर न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अपने पास जमा सबसे खतरनाक यानी हाईली एनरिच्ड (अत्यधिक संवर्धित) यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हो गया है। ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को संदेश भेजा है कि वह इस सामग्री को हटाने पर सहमत है।

हालाँकि, इस यूरेनियम को कैसे नष्ट किया जाएगा या इसे किस देश में भेजा जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।

400 किलो से ज्यादा खतरनाक यूरेनियम है मौजूद

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान के पास इस समय 60% तक संवर्धित (Enriched) करीब 440 किलोग्राम यूरेनियम का भंडार है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसे थोड़ा और रिफाइन किया जाए, तो इससे आसानी से कई परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।

शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने इस स्टॉक को देश से बाहर भेजने से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन अमेरिकी वार्ताकारों की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान झुकने को मजबूर हुआ है। अमेरिकी पक्ष ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि परमाणु सामग्री पर ठोस वादा नहीं मिला, तो बातचीत तुरंत रोककर दोबारा हमले शुरू कर दिए जाएंगे।

ट्रम्प का दोटूक बयान: ‘या तो बेहतरीन डील होगी या फिर नेस्तनाबूत कर देंगे’

इस बड़े प्रस्ताव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह अपने शीर्ष रणनीतिक सलाहकारों के साथ बैठक करने जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान के सामने अब दो ही रास्ते बचे हैं।

  • 50-50 चांस: न्यूज एजेंसी ‘एक्सियोस’ को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, “ईरान के साथ शांति समझौता होने के चांस फिलहाल 50-50 हैं। एक तरफ जहां हम समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध दोबारा शुरू करने के विकल्प भी खुले हैं।”

  • रविवार को बड़ा फैसला: ट्रम्प अपने दूत स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर और उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ ईरान के नए 14-सूत्रीय प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे। इसके बाद रविवार तक यह तय हो जाएगा कि ईरान पर फिर से बमबारी करनी है या शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे।

क्या हैं समझौते की मुख्य शर्तें?

पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से तैयार हो रहे इस संभावित शांति समझौते के मुख्य रूप से तीन चरण हैं:

  1. युद्ध का औपचारिक अंत: दोनों पक्षों की ओर से सैन्य हमले पूरी तरह रोके जाएंगे।

  2. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना: ईरान अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए इस समुद्री रास्ते को फिर से खोलेगा, जिसके बदले में अमेरिका उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और नाकेबंदी में ढील देगा।

  3. परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत: युद्ध रुकने के बाद अगले 30 से 60 दिनों के भीतर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजने या उसे डायलूट (कमजोर) करने पर विस्तृत चर्चा होगी।

इजरायल की चिंता: इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ड्राफ्ट को लेकर अपनी सुरक्षा कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है। इजरायल का मानना है कि जब तक ईरान का परमाणु ढांचा पूरी तरह नष्ट नहीं होता और वह अपने यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजता, तब तक युद्ध खत्म नहीं होना चाहिए। हालांकि, ट्रम्प ने भरोसा दिया है कि वह ऐसा कोई समझौता नहीं करेंगे जो इजरायल के हितों के खिलाफ हो।

Advertisement