नई दिल्ली: माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, दिल्ली सरकार हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और दिल्ली को एक स्वच्छ, हरा-भरा और जल-संरक्षित राजधानी में बदलने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए , माननीय पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री, श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ओखला में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का निरीक्षण किया, और यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की व्यापक समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान, माननीय मंत्री ने CETP के कामकाज की समीक्षा की, जिसमें बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) के स्तर, उपचार प्रवाह क्षमताएं, और सुविधाओं की संपूर्ण परिचालन की मुख्य विशेषताएं शामिल थी। माननीय मंत्री ने कहा, “ दिल्ली सरकार STP और CETP के विकेंद्रीकरण के लिए हरसंभव गंभीर प्रयास कर रही हैं; साथ ही नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं और आवश्कतानुसार मौजूदा बुनियादी ढांचे का आधुनिकरण भी किया जा रहा हैं। यमुना में निर्मल जल का प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए बड़ा और व्यापक मिशन चल रहा है।” माननीय मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “बीते 25 सालों में, पिछली सरकारों ने CETPs को अपग्रेड करने के बारे में सिर्फ वादे किए, लेकिन ज़मीन पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, हमारी सरकार सीवेज ट्रीटमेंट व्यवस्था को अपग्रेड करने, कड़ी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और उन्हें प्रभावशाली तरीके से संचालित करने के लिए पर विशेष प्रयास कर रही है—जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि इन CETPs के ज़रिए यमुना में छोड़ा जाने वाला जल पूर्णत उपचारित और स्वच्छ हो।” ओखला CETPs की कुल क्षमता प्रतिदिन 24 MLD से अधिक सीवेज को शोधित करने की है
माननीय मंत्री ने कहा, “नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) विस्तृत सर्वे कर रहा है, जिसका उद्देश्य इन सिस्टम्स की टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करना और उनकी कुल कार्यक्षमता को बढ़ाना है। यमुना नदी को हकीकत में तभी नया जीवन मिलेगा, जब STP और सीईटीपीएस अपनी पूर्ण क्षमता और प्रभावशाली तरीके से काम करेंगे।”
माननीय मंत्री ने कहा कि “औद्योगिक कचरा यमुना के प्रदूषण का एक प्रमुख कारक है, और CETPs वे ज़रूरी संसाधन हैं जिसकी सहायता से इस प्रदूषण को नदी में जाने से पहले रोका जा सकता है।” तकनीकी आधुनिकीकरण की तत्काल ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, माननीय मंत्री ने कहा कि कई CETPs अभी ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं जो लगभग 20 से 25 साल पुरानी है। उन्होंने कहा कि आज आधुनिक दौर में, टेक्नोलॉजी को असरदार और प्रासंगिक बने रहने के लिए हर कुछ सालों में अपग्रेड की ज़रूरत होती है।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार की यमुना का पुनरुद्धार करने की बड़ी पहल के तहत ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा की परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है। इनमें 12 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) का निर्माण, केशवपुर STP का अपग्रेडेशन, ट्रंक सीवर नेटवर्क का पुनरुद्धार, और दिल्ली के जल प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के उद्देश से बारिश के पानी का बड़े पैमाने पर संचयन करने की पहलें शामिल हैं।