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महंगे ATF और घटती मांग का असर, Air India और IndiGo घटाएंगी 100 से ज्यादा घरेलू उड़ानें

नयी दिल्ली: देश की दो बड़ी एयरलाइंस Air India और IndiGo ने जून से अगस्त के बीच घरेलू उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। बढ़ती एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों और यात्रियों की घटती मांग को देखते हुए दोनों कंपनियों ने यह कदम उठाया है। जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया अपनी घरेलू […]

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  • May 27, 2026 2:05 pm IST, Published 1 hour ago

नयी दिल्ली: देश की दो बड़ी एयरलाइंस Air India और IndiGo ने जून से अगस्त के बीच घरेलू उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। बढ़ती एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों और यात्रियों की घटती मांग को देखते हुए दोनों कंपनियों ने यह कदम उठाया है।

जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में करीब 15 प्रतिशत तक कटौती करेगी, जबकि इंडिगो ने 5 से 7 प्रतिशत उड़ानें कम करने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि इस फैसले के तहत कुल मिलाकर 100 से अधिक घरेलू फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं।

एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि महंगे ATF के कारण संचालन लागत लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही कुछ रूट्स पर यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है, जिससे कई उड़ानों का संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसी वजह से कंपनियां अपने नेटवर्क और शेड्यूल में बदलाव कर रही हैं।

 उड़ानों में कटौती का सीधा असर यात्रियों पर पड़ सकता है। आने वाले महीनों में कई रूट्स पर टिकटों की उपलब्धता कम हो सकती है और किराए में बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है। खासतौर पर छुट्टियों और त्योहारों के दौरान यात्रियों को पहले से बुकिंग कराने की जरूरत पड़ सकती है।

इसके अलावा, जिन शहरों में उड़ानों की संख्या सीमित है वहां यात्रा योजनाओं पर अधिक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। एयरलाइन कंपनियां फिलहाल उन रूट्स पर फोकस कर रही हैं जहां यात्रियों की मांग स्थिर बनी हुई है।

एविएशन सेक्टर पहले से ही लागत और प्रतिस्पर्धा के दबाव से गुजर रहा है। ऐसे में एयर इंडिया और इंडिगो का यह फैसला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि उद्योग अभी भी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। आने वाले समय में ईंधन की कीमतों और यात्रा मांग की स्थिति के आधार पर कंपनियां आगे की रणनीति तय कर सकती हैं।

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