हरियाणा : हरियाणा प्रशासनिक सेवा में अपनी कुशल कार्यशैली, सख्त प्रशासनिक पकड़ और दूरदर्शी सोच के लिए पहचान बनाने वाले मकरंद पांडुरंग खेतमालिस आज राज्य के सबसे प्रभावशाली आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। वर्ष 2007 बैच के हरियाणा कैडर के इस वरिष्ठ अधिकारी ने शासन-प्रशासन के अनेक महत्वपूर्ण विभागों में अपनी कार्यक्षमता का सफल परिचय दिया है। वर्तमान में वह सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग (DIPR) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
12 अप्रैल 1977 को जन्मे मकरंद पांडुरंग खेतमालिस तकनीकी और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि रखते हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग में बी.ई. की डिग्री प्राप्त की तथा एसीटीएस से डिप्लोमा भी किया। उनकी तकनीकी समझ और प्रशासनिक अनुभव का लाभ हरियाणा सरकार को विभिन्न विभागों में मिला है।
अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRN) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में युवाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इसके अलावा पंचकूला एवं सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण में भी उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और विकास योजनाओं को गति दी।
मकरंद पांडुरंग खेतमालिस मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय में अहम योगदान दिया। खान एवं भूविज्ञान विभाग के महानिदेशक एवं सचिव के रूप में उन्होंने विभागीय पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया। वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में महानिदेशक के रूप में उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराया।
वर्तमान में सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख के रूप में वह सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार आधुनिक तकनीकों और डिजिटल माध्यमों के जरिए किया जा रहा है। प्रशासनिक सादगी, अनुशासन और परिणामोन्मुख कार्यशैली के कारण उन्हें एक सक्षम और दूरदर्शी अधिकारी माना जाता है।
हरियाणा प्रशासन में उनकी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें एक भरोसेमंद अधिकारी के रूप में स्थापित किया है। राज्य के विकास, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों में उनका योगदान लगातार महत्वपूर्ण माना जा रहा है।