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विदेशियों के लिए भारत में रहने के नियम बदले

अब 180 दिन पूरे होने से पहले ही करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन; ऑनलाइन अपील की भी सुविधा नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने विदेशी नागरिकों के भारत में रहने और उनके रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। […]

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Gauravshali Bharat News
  • June 2, 2026 4:52 pm IST, Published 1 hour ago

अब 180 दिन पूरे होने से पहले ही करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन; ऑनलाइन अपील की भी सुविधा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने विदेशी नागरिकों के भारत में रहने और उनके रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य विदेशी नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान और अधिक डिजिटल बनाना है।

180 दिन से पहले रजिस्ट्रेशन की छूट

नए नियमों के लागू होने के बाद विदेशी नागरिकों को रजिस्ट्रेशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा:

  • नया नियम: विदेशी नागरिक अब भारत में अपने प्रवास (Stay) के 180 दिन पूरे होने से पहले कभी भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।

  • पुराना नियम: पहले नियमों के तहत भारत में 180 दिन की अवधि पूरी होने के बाद विदेशी नागरिकों को 14 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होता था।

  • अपवाद: सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा निकल जाती है, तो उसके बाद रजिस्ट्रेशन केवल विशेष और असाधारण परिस्थितियों में ही किया जाएगा।

देश में पहली बार शुरू हुई ‘ऑनलाइन अपील’ की व्यवस्था

प्रशासनिक सुधारों के तहत सरकार ने नियमों में पहली बार ऑनलाइन अपील का प्रावधान जोड़ा है। यदि कोई विदेशी नागरिक किसी आदेश से प्रभावित या असंतुष्ट है, तो वह सीधे ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BoI) के आयुक्त के पास ऑनलाइन अपील दर्ज करा सकता है।

अपील की प्रक्रिया और समय-सीमा:

  • 30 दिन का समय: आदेश की कॉपी मिलने के 30 दिनों के भीतर पीड़ित व्यक्ति को अपनी ऑनलाइन अपील दाखिल करनी होगी।

  • सुनवाई का मौका: आयुक्त को संबंधित विदेशी नागरिक का पक्ष सुनने के बाद ही अपना अंतिम फैसला देना होगा।

  • 60 दिन में निपटारा: विभाग को अपील मिलने के बाद अधिकतम 60 दिनों के भीतर मामले का निपटारा करने की कोशिश करनी होगी।

बच्चों की नागरिकता को लेकर नियमों में बड़े बदलाव

गृह मंत्रालय ने बच्चों के रजिस्ट्रेशन और नागरिकता से जुड़े नियमों को भी सुधारा है:

  • एक अभिभावक भारतीय होने पर छूट: यदि बच्चे के माता-पिता में से कोई भी एक भारतीय नागरिक है और वे बच्चे की भारतीय नागरिकता को बरकरार रखना चाहते हैं, तो उस बच्चे पर विदेशियों वाले रजिस्ट्रेशन नियम (FRRO) लागू नहीं होंगे।

  • विदेशी नागरिकता लेने पर सूचना अनिवार्य: यदि भारत में रह रहा कोई बच्चा किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है, तो उसके माता-पिता को 30 दिनों के भीतर इसकी लिखित जानकारी रजिस्ट्रेशन अधिकारी को देनी होगी। इसके अलावा कुछ विशेष गंभीर मामलों में यह सूचना देने की समय-सीमा महज 24 घंटे तय की गई है।

इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत बदलाव:

गृह मंत्रालय ने ये सभी नए बदलाव इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 30 के तहत किए हैं। मार्च 2025 में संसद द्वारा पास किए गए इस ऐतिहासिक कानून ने पासपोर्ट एक्ट 1920, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट 1939, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 जैसे कई पुराने और अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को एक ही आधुनिक ढांचे में समेट दिया है।

अवैध रूप से ठहराने पर कड़ी सजा:

इस कानून के तहत यदि कोई भी व्यक्ति किसी विदेशी नागरिक को अवैध तरीके से भारत में लाता है, उसे छुपाकर ठहराता है या बसाता है, तो उसे 3 साल तक की जेल या 2 से 5 लाख रुपए तक का जुर्माना (या दोनों) भुगतना पड़ सकता है। भारत आने वाले हर विदेशी के पास ‘वैध पासपोर्ट और वैध वीजा’ होना अनिवार्य है।

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