नई दिल्ली: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर रेलवे के तिलक ब्रिज-शकूर बस्ती रेल खंड का व्यापक निरीक्षण करते हुए विभिन्न विकास कार्यों और आधुनिक रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चल रहे कार्यों की स्थिति का आकलन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शकूर बस्ती डिपो के दौरे में रेल मंत्री ने अत्याधुनिक रखरखाव सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने रिट्रैक्टेबल ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) प्रणाली, बोगी पिट और बोगी लिफ्टिंग सुविधाओं का जायजा लिया तथा परिचालन क्षमता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर रखरखाव व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान रेल मंत्री ने हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। यह परियोजना भारतीय रेलवे को पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य के लिए अधिक टिकाऊ परिवहन प्रणाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। हाइड्रोजन आधारित तकनीक को रेलवे के हरित परिवर्तन की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री वैष्णव ने डिपो परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से पूर्ण विद्युतीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और देश के नेट-जीरो लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
दौरे के दौरान रेल मंत्री ने डिपो में कार्यरत कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और रखरखाव कर्मियों से भी संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं, उनके योगदान की सराहना की और अधिकारियों को उनके मुद्दों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
इसके बाद श्री वैष्णव ने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे स्टेशन पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर रेल सेवाओं और यात्रा सुविधाओं को लेकर उनकी राय भी जानी। रेल मंत्री के इस दौरे ने आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल रेलवे नेटवर्क के निर्माण के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित किया।