लखनऊ/नई दिल्ली : देश में सबसे अधिक बिजली खपत वाले राज्य उत्तर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में छह नए न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 8400 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे आने वाले वर्षों में प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, इन छह परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में से तीन परियोजनाएं एनटीपीसी (NTPC) के माध्यम से विकसित की जा सकती हैं। वहीं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को दो परियोजनाओं की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जबकि एक परियोजना में अडानी समूह की भागीदारी हो सकती है। इन परियोजनाओं के लिए विभिन्न जिलों में संभावित स्थलों का अध्ययन किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में औद्योगीकरण, शहरीकरण और आधारभूत ढांचे के तेज विकास के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती हैं। इसी उद्देश्य से परमाणु ऊर्जा जैसे स्वच्छ और टिकाऊ विकल्पों पर जोर दिया जा रहा है।
परमाणु ऊर्जा को कोयला आधारित बिजली उत्पादन की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल माना जाता है क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन अपेक्षाकृत कम होता है। भारत सरकार भी ऊर्जा मिश्रण में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट राष्ट्रीय ऊर्जा नीति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, परियोजनाओं के लिए भूमि, जल स्रोत, पर्यावरणीय प्रभाव और तकनीकी व्यवहार्यता जैसे पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में प्रयागराज, ललितपुर और सोनभद्र जैसे जिलों को संभावित स्थलों के रूप में चिन्हित किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि अंतिम निर्णय विस्तृत सर्वेक्षण और आवश्यक स्वीकृतियों के बाद ही लिया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि ये सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो उत्तर प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इससे न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा बल्कि उद्योगों को भी निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके अलावा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राज्य में पहले से कई तापीय और सौर ऊर्जा परियोजनाएं संचालित हैं, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दे रही है। न्यूक्लियर पावर प्लांट इस रणनीति का अहम हिस्सा बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशक में परमाणु ऊर्जा उत्तर प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकती है।
यदि यह महत्वाकांक्षी योजना साकार होती है तो उत्तर प्रदेश देश के उन प्रमुख राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां बड़े पैमाने पर परमाणु ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा। इससे राज्य की ऊर्जा उपलब्धता बढ़ेगी, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।