नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं कक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन (Verification) और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की प्रक्रिया के अंतिम दिन देश भर के हजारों छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बोर्ड का आधिकारिक पोर्टल आखिरी वक्त पर पूरी तरह बैठ गया, जिसके कारण कई छात्र समय सीमा (Deadline) के भीतर आवेदन करने से चूक गए। सोशल मीडिया पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है और वे डेडलाइन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
रविवार को जैसे ही आवेदन की अंतिम घड़ी नजदीक आई, सीबीएसई के सर्वर ने जवाब दे दिया। छात्रों ने एक्स (पहले ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रीनशॉट साझा करते हुए अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। छात्रों को मुख्य रूप से इन समस्याओं का सामना करना पड़ा:
रोल नंबर नॉट फाउंड (Roll Number Not Found): सही क्रेडेंशियल डालने के बाद भी पोर्टल छात्रों के रोल नंबर को अमान्य बता रहा था।
पेमेंट फेलियर (Payment Gateway Crash): कई छात्रों के बैंक खातों से फीस के पैसे कट गए, लेकिन पोर्टल पर कन्फर्मेशन नहीं मिला।
लॉगिन और कैप्चा एरर: साइट पर लगातार ‘सर्वर टाइमआउट’ और ‘401 ऑथेंटिकेशन फेल’ जैसी तकनीकी खामियां दिखती रहीं।
छात्रों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब सीबीएसई का पूरा सपोर्ट सिस्टम फेल नजर आया। भोपाल की छात्रा तनिष्का राठी और नई दिल्ली के प्रतीक सज्जन समेत कई छात्रों ने बताया कि बोर्ड का हेल्पलाइन नंबर या तो लगातार व्यस्त (Busy) था या किसी ने फोन नहीं उठाया। पिछले 3-4 दिनों से ईमेल पर भेजी गई शिकायतों का भी कोई जवाब नहीं मिला है।
करियर दांव पर: पुणे के अनिकेत महाजन ने बताया कि कई दिन पहले आवेदन करने के बावजूद उनका स्टेटस अब भी ‘अंडर रिव्यू’ (Under Review) दिखा रहा है। री-वैल्यूएशन का रिजल्ट आने में हो रही देरी के कारण छात्रों को कॉलेज एडमिशन और कट-ऑफ लिस्ट से बाहर होने का डर सता रहा है।
इस साल सीबीएसई ने मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। छात्रों का आरोप है कि डिजिटल कॉपियों के चक्कर में भारी गड़बड़ी हुई है। विशेषकर फिजिक्स (Physics) विषय को लेकर छात्र बेहद नाराज हैं।
बेंगलुरु की आकांक्षा शर्मा और अन्य छात्रों का दावा है कि स्कैन्ड कॉपियों में कई सही उत्तरों के बावजूद उन्हें शून्य या बेहद कम अंक दिए गए हैं। कई कॉपियां धुंधली (Blurred) हैं और सप्लीमेंट्री शीट्स गायब हैं। छात्र अब बोर्ड से फिजिक्स में ग्रेस मार्क्स (Grace Marks) देने और मैन्युअल चेकिंग की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने इसमें हस्तक्षेप किया है और आईआईटी कानपुर तथा आईआईटी मद्रास के तकनीकी विशेषज्ञों को इस पूरे सिस्टम के ऑडिट के लिए लगाया गया है।