नई दिल्ली: NEET री-एग्जाम से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने 1600 छात्रों की ओर से दायर एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। छात्रों ने परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में आ रही दिक्कतों और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का हवाला देते हुए जल्द सुनवाई की मांग की थी।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष छात्रों के वकीलों ने दलील दी कि सोशल मीडिया पर चल रही विभिन्न खबरों और संबंधित मामलों की सुनवाई के कारण अभ्यर्थियों में भ्रम और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। साथ ही, कुछ छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में परेशानी आने तथा परीक्षा केंद्रों की जानकारी में असंगति होने की बात भी उठाई गई।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि NEET परीक्षा से जुड़े सभी मामले पहले से ही न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ के समक्ष विचाराधीन हैं। इसलिए इस विषय से संबंधित सभी मुद्दों पर वही पीठ सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित पक्ष अपनी सभी शिकायतें और चिंताएं उसी पीठ के समक्ष रख सकते हैं। अदालत के अनुसार, फिलहाल इस मामले में अलग से तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि 21 जून को प्रस्तावित री-एग्जाम को लेकर कुछ छात्रों ने व्यवस्थाओं और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जिन पर आगे संबंधित पीठ द्वारा विचार किया जाएगा।