गंगटोक: सिक्किम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के मंगन जिले में स्थित फो खाला (Fo Khola) नदी पर बना एक महत्वपूर्ण बेली ब्रिज तेज बहाव के कारण ढह गया। पुल गिरने से फीडिंग और संकलांग (Sankalang) मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगातार बारिश के चलते फो खाला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव और मलबे के दबाव को बेली ब्रिज झेल नहीं सका और देखते ही देखते नदी में समा गया। पुल ढहने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उफनती नदी के बीच पुल को बहते हुए देखा जा सकता है।
यह बेली ब्रिज स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था। इसके टूटने से आसपास के कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से प्रभावित हो गया है। लोगों को दैनिक जरूरतों, चिकित्सा सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं। अधिकारियों के अनुसार पुल ढहने से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, क्योंकि घटना के समय पुल पर कोई वाहन मौजूद नहीं था। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है और आसपास के क्षेत्रों में भी संभावित खतरे का आकलन किया जा रहा है।
लगातार बारिश के कारण मंगन जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। कई स्थानों पर सड़कें मलबे से बंद हो गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। सीमा सड़क संगठन (BRO) और संबंधित एजेंसियां रास्तों को साफ करने और संपर्क बहाल करने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सिक्किम के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पुलों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में पुराने या अस्थायी ढांचों को अधिक खतरा रहता है। प्रशासन अब क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर वैकल्पिक मार्ग और नए अस्थायी पुल के निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द आवागमन बहाल किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी हैं। प्रभावित इलाकों में आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
सिक्किम में मानसून के दौरान इस तरह की घटनाएं अक्सर चुनौती बनकर सामने आती हैं। पहाड़ी भू-भाग, तेज वर्षा और उफनती नदियों के कारण सड़क और पुलों को भारी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्रभावित मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद है और पुल के पुनर्निर्माण तक वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की तैयारी चल रही है।