शिमला/कुल्लू: हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध और देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिनी जाने वाली श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है। लगातार खराब मौसम, भारी बारिश, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड की आशंका तथा दुर्गम पहाड़ी मार्गों की खतरनाक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अगले आदेश तक यात्रा पर न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
संयुक्त निरीक्षण टीम ने दी थी चेतावनी
यात्रा स्थगित करने का निर्णय संयुक्त निरीक्षण टीम की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में यात्रा मार्ग के कई हिस्सों को अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक बताया गया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर रास्ता भूस्खलन की चपेट में है, जबकि कुछ जगहों पर चट्टानें लगातार दरक रही हैं। इसके अलावा भारी वर्षा के कारण रास्तों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी अधिक हो गई है।
विशेषज्ञों ने यह भी आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने से फ्लैश फ्लड और नए भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु करते हैं यात्रा
श्रीखंड महादेव यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ साहस और कठिन तपस्या का भी प्रतीक मानी जाती है। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित श्रीखंड महादेव शिखर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यह मार्ग समुद्र तल से लगभग 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई तक जाता है और इसे देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शामिल किया जाता है।
हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए इस यात्रा में भाग लेते हैं। हालांकि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कई बार यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ता है।
श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें। यात्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें। जिन श्रद्धालुओं ने यात्रा की तैयारी कर ली थी, उनसे भी फिलहाल अपनी यात्रा स्थगित रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए लगातार मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट पर नजर रखी जा रही है।
बचाव एजेंसियां भी रहेंगी सतर्क
यात्रा मार्ग पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दौरान मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक एहतियाती कदम माना जा रहा है।
मौसम सुधरने के बाद होगा अगला निर्णय
अधिकारियों ने बताया कि यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला मौसम की स्थिति, मार्ग की सुरक्षा और संयुक्त निरीक्षण टीम की नई रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक यात्रा पर लगी रोक जारी रहेगी।
धार्मिक संगठनों ने भी श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्णय का सम्मान करने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि भगवान शिव के दर्शन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का जीवन और सुरक्षा उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।
फिलहाल श्रीखंड महादेव यात्रा पर लगी रोक ने देशभर के श्रद्धालुओं को निराश जरूर किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय संभावित हादसों को रोकने और मानव जीवन की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है। मौसम सामान्य होने के बाद प्रशासन नई तिथि और दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।