चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में यात्रियों से भरी निजी बस पलट गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्री घायल हुए हैं। मृतकों में तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
पुलिस के अनुसार, हादसा तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर चालुंज मोड़ के पास हुआ। निजी बस सुबह करीब 7 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए रवाना हुई थी। बैरागढ़ से कुछ दूरी पर बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई और करीब 50 मीटर नीचे दूसरी सड़क पर जा गिरी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद कई यात्री बस के अंदर फंस गए और एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद मृतकों और घायलों को बस से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में भी मदद की।
पुलिस के मुताबिक बस का नंबर HP-73-A-2101 है। हादसे के समय बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत करीब 18 लोग सवार थे। इनमें चार से 18 वर्ष की उम्र के छह बच्चे भी शामिल थे।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तीसा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
स्थानीय प्रशासन ने हादसे में घायल यात्रियों को 5-5 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। मृतकों के परिजनों को भी जल्द राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस के अनियंत्रित होने के बाद यह दुर्घटना हुई, हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने हादसे में सात लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की। उन्होंने जिला प्रशासन को सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने और उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।