नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सरकार ने ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी-जी-राम-जी’ योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 25,863 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
समय पर मजदूरी का भुगतान: इस राशि का मुख्य उद्देश्य राज्यों के पास पर्याप्त फंड सुनिश्चित करना है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर उनकी मजदूरी का भुगतान मिल सके। मंत्री ने राज्यों से भी अपना हिस्सा समय पर जारी करने की अपील की।
मजदूरी में 10% की बढ़ोतरी: ग्रामीण परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए योजना के तहत मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी।
पारदर्शिता पर जोर: केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ और ‘जियो-टैगिंग’ जैसी आधुनिक तकनीकों का सख्ती से उपयोग किया जाएगा।
तेजी से कार्यान्वयन: ‘वीबी-जी-राम-जी’ योजना को 1 जुलाई से पूरे देश में एक साथ लागू कर दिया गया है। आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान ने पहले ही दिन बड़े पैमाने पर रोजगार देकर इसकी शुरुआत की है।
सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि पारदर्शी तरीके से ग्रामीण संपत्तियों का निर्माण करना है। इस योजना के लिए हर राज्य में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को ‘क्षेत्रीय अधिकारी’ के रूप में तैनात किया गया है, जो राज्यों का मार्गदर्शन करेंगे।