मुंबई : मुंबई में साइबर अपराधियों ने सीएसएमटी रेलवे पुलिस स्टेशन में तैनात एक हवलदार के मोबाइल को हैक कर उसके बैंक खातों से 1.60 लाख रुपए निकाल लिए गए। इस मामले में सीएसएमटी रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना उस समय हुई, जब पुलिसकर्मी ड्यूटी खत्म कर लोकल ट्रेन से घर लौट रहा था और अचानक उनका मोबाइल फोन अपने आप अपडेट होने लगा।
कल्याण पश्चिम के खड़कपाड़ा इलाके में रहने वाले हवलदार जिभाऊ रतन लहिरे (47) वर्तमान में सीएसएमटी रेलवे पुलिस स्टेशन में नियुक्त है। हवलदार ने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद सुबह करीब 9:12 बजे वह एक सहकर्मी अधिकारी के साथ सीएसएमटी से टिटवाला लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में बैठे।
ट्रेन छूटने से पहले वह मोबाइल पर रील्स देख रहा था तभी अचानक मोबाइल फोन अपने आप अपडेट होने लगा। उन्होंने कोई अपडेट शुरू नहीं किया था, इसलिए उन्हें लगा कि कंपनी का सिस्टम अपडेट होगा, लेकिन कुछ ही देर में फोन पूरी तरह हैंग हो गया। मोबाइल न तो बंद हो रहा था और न ही सामान्य तरीके से चल रहा था। कल्याण स्टेशन पहुंचने के बाद वह एक परिचित मोबाइल शॉप पर गए, जहां कुछ ऐप डिलीट करने के बाद फोन सामान्य हुआ।
घर पहुंचने के बाद उन्हें शक हुआ तो उन्होंने गूगल पे और बैंक खातों का बैलेंस चेक किया। जांच में पता चला कि उनके बैंक खाते से 95 हजार रुपए पहले उनके दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए और फिर वहां से गोलू मीना नाम के व्यक्ति के खाते में भेज दिए गए। इसके अलावा, उनके एक अन्य बैंक खाते से 65 हजार रुपए भी अर्जन भारत मानिकवाडे नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 1 लाख 60 हजार रुपए की ठगी हुई।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठगों ने मोबाइल फोन को किसी मैलवेयर या रिमोट एक्सेस तकनीक के जरिए कंट्रोल कर लिया था। फोन अपडेट होने जैसा दिखाकर डिवाइस को नियंत्रित किया गया और गूगल पे के जरिए रकम ट्रांसफर कर ली गई।
पीड़ित पुलिसकर्मी की शिकायत पर संबंधित खाताधारकों अर्जन भारत मानिकवाडे और गोलू मीना समेत अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल आईपी लॉग, ट्रांजैक्शन डिटेल और डिवाइस डेटा की जांच कर रही है।