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दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ के ओटीटी से हटने पर नीरू बाजवा का फूटा गुस्सा

नई दिल्ली। दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्म ‘सतलुज’, जिसे पहले ‘पंजाब 95’ (Punjab 95) के नाम से रिलीज किया जाना था, सेंसर बोर्ड से पास न होने के कारण तीन साल तक अटकी रही। इस पर 127 कट लगाए जाने का आदेश भी दिया गया था। मेकर्स ने इसे बिना किसी कट के 3 […]

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  • July 9, 2026 10:23 am IST, Published 50 minutes ago

नई दिल्ली। दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्म ‘सतलुज’, जिसे पहले ‘पंजाब 95’ (Punjab 95) के नाम से रिलीज किया जाना था, सेंसर बोर्ड से पास न होने के कारण तीन साल तक अटकी रही। इस पर 127 कट लगाए जाने का आदेश भी दिया गया था। मेकर्स ने इसे बिना किसी कट के 3 जुलाई को जी5 (ZEE5) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया, लेकिन महज 2 दिन के भीतर ही इसे भारत में बैन कर दिया गया और रिपोर्ट्स के अनुसार सुरक्षा कारणों से इसे हटा लिया गया है।

💢 नीरू बाजवा ने शेयर किया लंबा-चौड़ा पोस्ट

फिल्म के इस तरह अचानक हटाए जाने के बाद से लगातार विरोध और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में दिलजीत दोसांझ की को-एक्ट्रेस नीरू बाजवा (Neeru Bajwa) ने भी खुलकर अपना समर्थन और गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा:

  • फिल्म का महत्व: नीरू बाजवा ने कहा कि उन्होंने ‘सतलुज’ देखी और उनके इमोशंस भड़क गए। एक फिल्म सिर्फ मनोरंजन से बढ़कर होती है, यह उसे बनाने वालों की आवाज, उनका पैशन, सच्चाई और सालों की कड़ी मेहनत होती है। बिना जवाबदेही के किसी के पास भी इसे चुप कराने की ताकत नहीं होनी चाहिए।

  • पारदर्शिता की मांग: उन्होंने आगे कहा कि दर्शक फिल्म को पसंद करें या आलोचना करें, यह उनका निजी फैसला होना चाहिए। जनता से यह चुनाव करने का अधिकार छीनना गलत है। अगर फिल्म को रोका गया है, तो जनता को सच और साफ-साफ वजह जानने का पूरा हक है, न कि सिर्फ खामोशी। पारदर्शिता कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है।

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