मनाली / शिमला: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप बढ़ते ही पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख कर लिया है। भारी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर ‘टूरिस्ट ब्लास्ट’ जैसी स्थिति बन गई है। आलम यह है कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में पिछले तीन दिनों के भीतर 10,000 से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचे हैं, जिससे पूरी घाटी में चक्का जाम की स्थिति पैदा हो गई है।
कम समय में सफर पूरा करने के लिए बनाया गया मनाली-कीरतपुर फोरलेन इस वीकेंड पर पूरी तरह गाड़ियों से पट गया। सबसे खराब स्थिति मंडी जिले के पंडोह के पास देखने को मिली, जहाँ शनिवार और रविवार को रिकॉर्ड वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।
प्रशासन की अपील: मनाली के लगभग सभी होटल 100% पैक हो चुके हैं। लोकल ट्रैवल एजेंटों और पुलिस प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे बिना एडवांस होटल बुकिंग के मनाली की यात्रा न करें।
रविवार को अकेले रोहतांग पास के लिए करीब 1,200 पर्यटक वाहन रवाना हुए, जिसके कारण रोहतांग, बारालाचा, चंद्रताल और शिंकुला जाने वाले मार्गों पर गाड़ियों की मीलों लंबी कतारें लग गईं। दूसरी ओर, मंडी जिले के थुनाग में 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध माता शिकारी देवी मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है।
जाम की मुख्य वजह: एएसपी अभिमन्यु वर्मा के मुताबिक, अचानक वाहनों की संख्या बढ़ना और संकरे रास्तों पर पर्यटकों द्वारा की जा रही अनावश्यक ओवरटेकिंग (Wrong Overtaking) जाम का सबसे बड़ा कारण है। स्थिति को संभालने के लिए पंडोह, ड्योड, झलोगी और थलोट जैसे संवेदनशील पॉइंट पर अतिरिक्त पुलिस बल (Extra Police Force) तैनात किया गया है।