अमरनाथ यात्रा का आगाज: बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजी वादी

4800 यात्रियों का पहला जत्था कश्मीर पहुंचा जम्मू: ग्रेटर हिमालय की ऊंची वादियों में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा आज से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। अगले 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान 4 लाख से अधिक श्रद्धालु 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन कर […]

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  • July 3, 2026 9:40 am IST, Published 1 hour ago

4800 यात्रियों का पहला जत्था कश्मीर पहुंचा

जम्मू: ग्रेटर हिमालय की ऊंची वादियों में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा आज से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। अगले 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान 4 लाख से अधिक श्रद्धालु 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। यह यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी।

यात्रा का शुभारंभ और सुरक्षा व्यवस्था

गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में 4,822 श्रद्धालु शामिल थे, जो 259 वाहनों के कड़े सुरक्षा घेरे में बालटाल और पहलगाम के लिए निकले। उपराज्यपाल ने इससे पहले 29 जून को अमरनाथ शिवलिंग की प्रथम पूजा भी की थी।

यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध

कश्मीर में खराब मौसम और लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं:

  • ऑक्सीजन बूथ: यात्रा मार्ग पर हर 2 किलोमीटर पर ऑक्सीजन बूथ स्थापित किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सांस लेने में कठिनाई न हो।

  • मौसम की जानकारी: दोमेल रूट पर चार बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं, जो तीर्थयात्रियों को पल-पल के मौसम अपडेट्स दे रही हैं।

  • वाटरप्रूफ व्यवस्था: बालटाल रूट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 12 स्थानों पर वाटरप्रूफ डोम बनाए गए हैं।

  • सलाह: प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को दर्शन के तुरंत बाद नीचे लौटने की सलाह दी है ताकि खराब मौसम में वे सुरक्षित रह सकें।

दूसरा जत्था भी हुआ रवाना

गुरुवार को बारिश के कारण बालटाल मार्ग पर यात्रा कुछ समय के लिए बाधित हुई थी, लेकिन स्थिति में सुधार के बाद शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे दूसरा जत्था भी रवाना हो गया। इस जत्थे में 3,865 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें से 1,735 यात्री बालटाल और 2,130 यात्री पारंपरिक पहलगाम मार्ग की ओर बढ़े हैं।

श्रद्धालु अनंतनाग के 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक ‘नुनवान-पहलगाम’ मार्ग या गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर छोटे ‘बालटाल’ मार्ग के जरिए पवित्र गुफा तक पहुँच सकते हैं।

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