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2027 तक एक-दो राज्यों को छोड़ पूरे पूर्वोत्तर से हटेगा AFSPA

असम-नागालैंड में तेल उत्पादन फिर शुरू नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर (North East) भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर दो बेहद बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को एलान किया कि साल 2027 तक सिर्फ एक-दो राज्यों को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम […]

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  • June 12, 2026 11:14 am IST, Published 2 days ago

असम-नागालैंड में तेल उत्पादन फिर शुरू

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर (North East) भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर दो बेहद बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को एलान किया कि साल 2027 तक सिर्फ एक-दो राज्यों को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम यानी AFSPA (अफस्पा) को पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि AFSPA के दायरे में लगातार की जा रही यह कटौती इस बात का साफ सबूत है कि अब पूर्वोत्तर में स्थायी शांति लौट रही है।

असम और नागालैंड के बीच ऐतिहासिक समझौता

सुरक्षा के साथ-साथ इस क्षेत्र की आर्थिक तरक्की के लिए भी एक बड़ा गतिरोध दूर हो गया है। केंद्र सरकार की मध्यस्थता से असम और नागालैंड के बीच सीमा विवाद वाले इलाकों में लंबे समय से ठप पड़े तेल और गैस उत्पादन को दोबारा शुरू करने पर सहमति बन गई है।

इस समझौते के बड़े फायदे:

  • 10 गुना बढ़ेगा तेल उत्पादन: गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि इस ऐतिहासिक समझौते के बाद इलाके की तेल उत्पादन क्षमता मौजूदा 1,000-1,500 बैरल प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 10 गुना तक हो सकती है।

  • ₹15,000 करोड़ का खजाना: अनुमानों के मुताबिक, इस विवादित सीमा क्षेत्र के केवल एक तेल क्षेत्र (Oil Field) से ही 15,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का कच्चा तेल और गैस मिलने की उम्मीद है।

इस फैसले से न केवल असम और नागालैंड के बीच आपसी रिश्ते बेहतर होंगे, बल्कि पूरे देश की ऊर्जा सुरक्षा और पूर्वोत्तर के राजस्व (Revenue) में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

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