अन्नामलाई ने पार्टी संगठन में अपनी जिम्मेदारी से हटने का निर्णय लिया, जिसके बाद उनकी भाजपा नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों ने कई सवाल खड़े किए हैं। आमतौर पर राजनीतिक दलों में संगठनात्मक बदलाव एक नियमित प्रक्रिया होती है, लेकिन इस मामले में घटनाक्रम का क्रम और उसकी प्रस्तुति चर्चा का विषय बना हुआ है।

राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा तमिलनाडु में अपनी रणनीति को नए सिरे से आकार देने की तैयारी में है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनावों और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अन्नामलाई को संगठन के बाहर भी कोई विशेष भूमिका दी जा सकती है, जबकि कुछ इसे राज्य में भाजपा के प्रभाव विस्तार की व्यापक योजना से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। पार्टी नेतृत्व लगातार यह कहता रहा है कि संगठनात्मक फैसले पार्टी की रणनीतिक आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं के अनुरूप लिए जाते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में तमिलनाडु की राजनीति में अन्नामलाई की सक्रियता और उनकी नई भूमिका इस पूरे घटनाक्रम की दिशा स्पष्ट कर सकती है। फिलहाल यह विषय राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों का केंद्र बना हुआ है।