• होम
  • देश
  • LIVE कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन फिर शुरू: समर्थकों ने दोबारा मंच बनाया; अभिजीत दीपके बोले- आज भी संसद मार्च करेंगे

LIVE कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन फिर शुरू: समर्थकों ने दोबारा मंच बनाया; अभिजीत दीपके बोले- आज भी संसद मार्च करेंगे

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित “संसद मार्च” के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेरा और भीड़ नियंत्रण के उपाय अपनाए। इस दौरान कई स्थानों […]

Advertisement
Cockroach Janta Party -live04
Gauravshali Bharat News
  • July 21, 2026 10:49 am IST, Published 6 hours ago

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित “संसद मार्च” के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेरा और भीड़ नियंत्रण के उपाय अपनाए। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तथा झड़प की घटनाएं सामने आईं।

प्रदर्शन का आयोजन Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा किया गया था। आंदोलनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। हाल के दिनों में यह आंदोलन जंतर-मंतर से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है।
Gauravshali Bharat

पुलिस ने संसद क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए पहले से व्यापक इंतजाम किए थे। कई प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए। जब कुछ समूहों ने सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान कई लोग घायल हुए और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।

घटनाक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया गया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संसद क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे पेश किए हैं और पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग बयान सामने आए हैं।

Gauravshali Bharat

इस बीच आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत की कोशिशें भी हुईं। हालांकि खबर लिखे जाने तक आंदोलन की प्रमुख मांगों पर किसी ठोस सहमति की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

संसद सत्र के दौरान हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा और सरकार के अगले कदमों पर सभी की नजर रहेगी।

Gauravshali Bharat

Advertisement