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नशा मुक्त भारत के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर

देश को नशे की समस्या से मुक्त बनाने और युवाओं को स्वस्थ भविष्य की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026’ की शुरुआत की है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (DoSJE) द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान का उद्घाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय […]

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Gauravshali Bharat News
  • June 18, 2026 3:45 pm IST, Published 1 hour ago

देश को नशे की समस्या से मुक्त बनाने और युवाओं को स्वस्थ भविष्य की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026’ की शुरुआत की है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (DoSJE) द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान का उद्घाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने वर्चुअल माध्यम से किया।

इस वर्ष अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” रखी गई है। 17 जून से 26 जून तक चलने वाले इस विशेष सप्ताह के दौरान देशभर में जागरूकता, जनभागीदारी और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

उद्घाटन कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, आध्यात्मिक संस्थाओं और अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश का युवा वर्ग स्वस्थ, जागरूक और सशक्त हो।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसमें समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया, जिनका उद्देश्य अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है। इनमें शामिल हैं—

  • नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 का औपचारिक शुभारंभ।
  • नशा मुक्ति मित्र (NMM) व्यक्तिगत डैशबोर्ड, जिससे स्वयंसेवकों की गतिविधियों की निगरानी और समन्वय बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
  • नशा मुक्त भारत अभियान पर आधारित लघु फिल्म, जो देशभर में चल रहे जनजागरूकता प्रयासों और सफलता की कहानियों को सामने लाती है।

नशा मुक्ति मित्रों के लिए शुरू किया गया व्यक्तिगत डैशबोर्ड अभियान का एक महत्वपूर्ण डिजिटल कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से स्वयंसेवक अपनी गतिविधियों का रिकॉर्ड रख सकेंगे, जागरूकता अभियानों में अधिक प्रभावी भागीदारी कर सकेंगे और स्थानीय स्तर पर लोगों तक संदेश पहुंचाने में बेहतर भूमिका निभा सकेंगे। मंत्रालय का मानना है कि यह पहल नागरिक भागीदारी को मजबूत करेगी और अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मददगार साबित होगी।

आगामी दस दिनों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इनमें प्रतिज्ञा अभियान, जागरूकता रैलियां, युवा संवाद, प्रतियोगिताएं, वेबिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और सोशल मीडिया अभियान शामिल होंगे।

स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी लोगों तक नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के संदेश पहुंचाए जाएंगे। विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को अभियान का केंद्र बनाया गया है ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर शिक्षा, रोजगार, परिवार और सामाजिक विकास पर भी पड़ता है। ऐसे में नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का राष्ट्रीय आंदोलन बनता जा रहा है। केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और एक स्वस्थ, सुरक्षित तथा सशक्त भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 का उद्देश्य केवल जागरूकता पैदा करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़कर एक ऐसी जनचेतना तैयार करना है जो आने वाली पीढ़ियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचा सके और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करे।

 

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