उखरुल / इम्फाल: मणिपुर के उखरुल जिले में सुरक्षाबलों और स्थानीय नागरिकों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। उखरुल के शोक्वाओ और न्यू हेवन इलाकों में रविवार को अस्थायी सैन्य बंकर बनाने के विरोध में सैकड़ों तंगखुल नागा महिलाएं (मीरा पैबी) सड़कों पर उतर आईं। नेशनल हाईवे-202 (NH-202) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया। इस दौरान हुई हिंसक झड़प में कम से कम 22 महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें उखरुल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तनाव को देखते हुए छात्र संगठन काथो कतामनाओ लोंग (KKL) ने अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन चक्का जाम (Blockade) का एलान कर दिया है।
स्थानीय नागा संगठनों (TNL और KKL) का आरोप है कि 40वीं असम राइफल्स ने शोक्वाओ विलेज अथॉरिटी (ग्राम प्रशासन) को बिना सूचना दिए या उनकी सहमति के बिना न्यू हेवन इलाके में एक अस्थायी आउटपोस्ट (बंकर) बना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम ‘मणिपुर (हिल एरियाज विलेज अथॉरिटीज) एक्ट, 1956’ और संविधान के आर्टिकल 371C के तहत आदिवासियों के पारंपरिक और कानूनी अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
रास्ता रोका और बंकर तोड़े: शनिवार रात से ही प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सेना के काफिले को रोक रखा था। रविवार सुबह तनाव तब और बढ़ गया जब एक गुट ने हाईवे जाम किया और दूसरे गुट ने न्यू हेवन में बने असम राइफल्स के अस्थायी बंकर को ध्वस्त कर दिया।
जवानों पर पेट्रोल डालने का दावा: सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, असम राइफल्स के जवानों ने दावा किया है कि उग्र प्रदर्शनकारियों ने उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। जवानों ने वीडियो में अपनी वर्दी पर लगा पेट्रोल भी दिखाया।
हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज: स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षाबलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया और कई राउंड हवाई फायरिंग (Blank Firing) की। झड़प में छात्र संघ के अध्यक्ष माथोटमी कासार भी घायल हुए हैं।