ईरान जंग का सीधा असर: देश में तेल संकट! दिल्ली में पेट्रोल 102 के पार, इस महीने चौथी बार बढ़े दाम
एंकर विजुअल/इंट्रो: “नमस्कार, आप देख रहे हैं न्यूज़ बुलेटिन और मैं हूं आपके साथ…। आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई का सबसे बड़ा बम फूटा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरान जंग की चिंगारी ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगा दी है। तेल कंपनियों ने आज 25 मई को इस महीने में चौथी बार ईंधन के दामों में भारी बढ़ोतरी की है। इस ताजा झटके के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार चला गया है, वहीं डीजल भी शतक लगाने के करीब है।”
आज हुई बढ़ोतरी के बाद देश के चारों प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें इस प्रकार हैं:
दिल्ली: ₹102.12 (+₹2.61 की बढ़ोतरी)
मुंबई: ₹111.21 (+₹2.72 की बढ़ोतरी)
कोलकाता: ₹113.51 (+₹2.87 की बढ़ोतरी)
चेन्नई: ₹107.77 (+₹2.46 की बढ़ोतरी)
दिल्ली: ₹95.20 (+₹2.71 की बढ़ोतरी)
कोलकाता: ₹99.82 (+₹2.80 की बढ़ोतरी)
मुंबई: ₹97.83 (+₹2.81 की बढ़ोतरी)
चेन्नई: ₹99.55 (+₹2.57 की बढ़ोतरी)
इस महीने आम जनता को एक के बाद एक चार बड़े झटके दिए गए हैं:
25 मई (आज): पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 महंगा हुआ।
23 मई: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे बढ़ाया गया था।
19 मई: दोनों ईंधनों में औसतन 90 पैसे का इजाफा हुआ था।
15 मई: महीने की शुरुआत में ही सीधे ₹3 प्रति लीटर की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई थी।
तेल कंपनियों का कहना है कि इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा अमेरिका और ईरान का तनाव है। जंग की शुरुआत से पहले जो कच्चा तेल (Crude Oil) 70 डॉलर प्रति बैरल पर था, वह अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण तेल कंपनियों का घाटा बढ़ रहा था, जिसकी भरपाई अब आम जनता की जेब से की जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
पेट्रोल-डीजल के दाम सिर्फ गाड़ी चलाने वालों को ही नहीं, बल्कि हर आम नागरिक को रुलाने वाले हैं। इसकी वजह से बाजार में इन चीजों पर सीधा असर पड़ेगा:
सब्जी-राशन महंगा: ट्रक और टेम्पो का मालभाड़ा बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाले फल, सब्जियां और राशन की कीमतें तुरंत बढ़ेंगी।
थाली पर असर: किसानों के लिए ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाना महंगा हो जाएगा, जिससे खेती की लागत बढ़ेगी और अनाज के दाम ऊपर जाएंगे।
सफर होगा महंगा: बस, ऑटो और स्कूल वैन का किराया बढ़ने की पूरी आशंका है, जिससे आम नौकरीपेशा और छात्रों का बजट बिगड़ेगा।