संसद के मानसून सत्र के दौरान अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा हेराफेरी के मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने इस मामले पर लोकसभा में चर्चा कराने की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) का नोटिस दिया है।
कांग्रेस का कहना है कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए। पार्टी का मानना है कि सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
स्थगन प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस ने सदन का नियमित कामकाज रोककर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की है। विपक्ष का तर्क है कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सार्वजनिक विश्वास से भी जुड़ा हुआ है।
उधर, इस मुद्दे को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इस नोटिस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब यह फैसला लोकसभा अध्यक्ष के स्तर पर होगा कि स्थगन प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है या नहीं।
इस मुद्दे के संसद में उठने से आगामी दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।