मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 15 घंटों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की आशंका।
50 किमी/घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं विनाशकारी हवाएं; प्रशासन ने लोगों को दी सतर्क रहने की सलाह।
पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते एक साथ सक्रिय हुआ मजबूत वेदर सिस्टम।
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और मॉनसून की सुस्ती के बीच मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत देश के 11 राज्यों के लिए अगले 15 घंटों के भीतर भारी बारिश, ओलावृष्टि (Hailstorm) और तेज आंधी-तूफान का ‘महाअलर्ट’ जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचने की आशंका है। अचानक आए इस बदलाव से जहां एक तरफ तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ आंधी और बिजली गिरने से जान-माल के नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से मॉनसून की रफ्तार एक ही जगह पर थमी हुई थी, जिसके कारण उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में शुष्क हवाओं और भीषण लू (Heatwave) का दौर जारी था। हालांकि, अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूर्वी हवाओं और उत्तर भारत में एक नए ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण एक बेहद मजबूत वेदर सिस्टम बन गया है। इसी टकराव की वजह से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के एक बड़े हिस्से में मौसम ने अचानक करवट ली है।
आईएमडी ने जिन 11 राज्यों को विशेष तौर पर सतर्क रहने को कहा है, उन्हें तीन हिस्सों में वर्गीकृत किया गया है:
उत्तर भारत: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान।
मध्य व पश्चिमी भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़।
पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्र: बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस मानसूनी हलचल के दौरान सबसे बड़ा खतरा गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का है। आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने एडवाइज़री जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान और बारिश के समय खुले मैदानों में जाने से बचें। विशेष रूप से ऊंचे पेड़ों, साइनबोर्ड, जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर से दूर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। रिहायशी सोसाइटियों और आरडब्ल्यूए (RWA) को भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।