वाशिंगटन, 26 अप्रैल। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी स्थित वाशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। घटना के बावजूद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों ने इस मामले में एक संदिग्ध बंदूकधारी को गिरफ्तार किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी कैलिफोर्निया का रहने वाला लगभग 30 वर्षीय व्यक्ति है। अधिकारियों ने उसकी पहचान कर ली है और उससे पूछताछ जारी है।
घटना के दौरान एक अमेरिकी सीक्रेट सर्विस अधिकारी घायल हो गया। बताया जा रहा है कि गोली उसके प्रोटेक्टिव गियर पर लगी, जिसके चलते उसकी जान बच गई। घायल अधिकारी को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अधिकारी खतरे से बाहर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। एक चश्मदीद एरिन थिलमैन ने बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को जमीन पर गिरते देखा, जिसके कंधे पर मैगजीन और हाथ में राइफल थी। सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को काबू में कर लिया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने गोली चलाई थी या नहीं।
घटना के तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य वीआईपी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश हुई हो। इससे पहले जुलाई 2024 में पेंसिलवेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें गोली उनके कान के पास से गुजर गई थी। इसके अलावा, सितंबर 2024 में फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में भी एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया था, जिसने ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश की थी।
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इतने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद हमलावर कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंच गया। फिलहाल एफबीआई और अन्य एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं और हमले के पीछे की मंशा का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।