सहारनपुर। लगातार हो रही बारिश के कारण दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हो गया है। सहारनपुर जिले के वन्यजीव (वाइल्ड लाइफ) कॉरिडोर क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा गिरने के बाद प्रशासन ने एहतियातन एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को आंशिक रूप से बंद कर दिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक दिशा की तीन लेनों में से दो लेन बंद कर दी गई हैं और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है। इस निर्णय के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को अतिरिक्त समय लग रहा है।
प्रशासन के अनुसार लगातार बारिश के चलते पहाड़ी ढलानों से मिट्टी और पत्थर खिसकने की घटनाएं बढ़ गई हैं। वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर क्षेत्र में मलबा सड़क पर आने से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए तत्काल प्रभाव से यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। मौके पर पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
वाहनों को पुराने मार्ग से निकाला जा रहा
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने पुराने दिल्ली-देहरादून मार्ग को भी यातायात के लिए खोल दिया है। एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को आवश्यकतानुसार पुराने हाईवे की ओर मोड़ा जा रहा है ताकि लंबा जाम न लगे और यात्रियों को राहत मिल सके। ट्रैफिक पुलिस मार्गों पर तैनात है और वाहनों को सुरक्षित दिशा में भेज रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक मलबा पूरी तरह हटाकर सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक डायवर्जन व्यवस्था जारी रहेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट अवश्य प्राप्त करें।
पिछले कई दिनों से बनी हुई है परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले करीब 15 दिनों से लगातार बारिश के कारण इस क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हो रहा है। पहले सड़क पर गड्ढों की समस्या सामने आई थी और अब पहाड़ी से मलबा गिरने की घटनाओं ने परेशानी और बढ़ा दी है। इससे एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े एक्सप्रेसवे पर मानसून के दौरान अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होती है। समय-समय पर ढलानों का निरीक्षण और सुरक्षा उपाय अपनाने से ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर भी असर
बारिश का असर केवल एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर भी कई स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मुजफ्फरनगर के नरा-जड़ौदा क्षेत्र में सड़क पर पानी भर जाने से वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय अधिकारियों ने नालों की सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था कराई, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
यातायात पुलिस का विशेष अभियान जारी
इस बीच दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर यातायात पुलिस ने विशेष अभियान भी चलाया। अभियान के दौरान ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट, बिना ड्राइविंग लाइसेंस, बाइक पर तीन सवारी, मॉडिफाइड साइलेंसर और फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस ने जैनपुर, सरसावा, गणेशपुर, कोलकी और अन्य प्रमुख टोल प्लाजा के आसपास बैरियर लगाकर कई घंटों तक सघन जांच अभियान चलाया। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान काटे गए और कई वाहनों को मौके पर ही रोका गया।
भारी वाहनों की भी हुई जांच
अभियान के दौरान रोडवेज बसों, निजी बसों और भारी मालवाहक वाहनों की भी जांच की गई। जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। पुलिस ने आधुनिक स्पीड गन की सहायता से वाहनों की गति भी मापी और निर्धारित सीमा से अधिक गति से चलने वालों पर जुर्माना लगाया।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो मौसम और ट्रैफिक की जानकारी लेकर ही निकलें। वाहन धीमी गति से चलाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
फिलहाल संबंधित एजेंसियां मलबा हटाने और एक्सप्रेसवे को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। मौसम सामान्य होने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद बंद लेनों को फिर से यातायात के लिए खोलने का निर्णय लिया जाएगा। तब तक यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।