दतिया: दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान आयोजित भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक चुनावी सभा में पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में संबोधन देते हुए उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र किया। भाषण के दौरान भावनाओं पर काबू नहीं रख पाने के कारण उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने अपना संबोधन बीच में ही समाप्त कर दिया।
सभा में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी ने उन्हें जीवन में बहुत सम्मान और जिम्मेदारियां दी हैं। उन्होंने कहा कि तीन दशक तक विधायक और लंबे समय तक मंत्री रहने का अवसर भाजपा ने ही दिया, इसलिए अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे पार्टी के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा दें।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी कार्यकर्ता निष्क्रिय नहीं रहेगा और सभी मिलकर चुनाव प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं क्षेत्र में डेरा डालेंगे, गांव-गांव जाएंगे और प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन मांगेंगे। इसी दौरान वे भावुक हो गए और कुछ क्षण रुकने के बाद अपना भाषण समाप्त कर दिया।
अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब देते हुए दावा किया कि भाजपा विकास और जनसेवा के आधार पर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दतिया के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में क्षेत्र की तस्वीर बदली है। उनके अनुसार, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों ने विकास को प्राथमिकता दी, जबकि विपक्ष के पास उपलब्धियों के नाम पर बताने के लिए बहुत कम है।
राजनीतिक हलकों में इस सभा की सबसे अधिक चर्चा नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने को लेकर रही। कभी दतिया की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे मिश्रा इस बार टिकट नहीं मिलने के बावजूद पार्टी के प्रचार में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत परिस्थितियों से ऊपर उठकर संगठन के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई है। दतिया उपचुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रतिष्ठा का चुनाव मान रहे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है, जबकि सभी दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।