नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में भूजल स्तर को सुधारने और बारिश के पानी के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने रेनवॉटर हार्वेस्टिंग अभियान को नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश वर्मा ने त्यागराज स्टेडियम में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग परियोजना का निरीक्षण किया और कहा कि जल संरक्षण अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुका है।
निरीक्षण के दौरान प्रवेश वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “कैच द रेन” अभियान का उद्देश्य बारिश की हर बूंद को बचाना और उसे भूजल के रूप में संरक्षित करना है। उनका कहना था कि यदि वर्षा जल को व्यवस्थित तरीके से जमीन में पहुंचाया जाए तो भूजल स्तर में सुधार होगा और आने वाले वर्षों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि राजधानी के कई इलाकों में लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण बोरवेल सूखने की समस्या सामने आ रही है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत परिसरों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अपेक्षित स्तर पर उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में सरकार इस व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में कदम उठा रही है।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने संकेत दिए कि भविष्य में बोरवेल की अनुमति लेने वाले लोगों के लिए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य किया जा सकता है। उनका कहना था कि यदि भूजल का उपयोग किया जा रहा है तो उसके पुनर्भरण की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इस दिशा में नीति तैयार करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि जल संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली जल बोर्ड और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें सरकारी इमारतों का निरीक्षण कर रही हैं। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहां रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पहले से स्थापित हैं, वे सही ढंग से काम कर रहे हों और उनका पूरा लाभ मिल सके।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भूमिगत जल के लगातार दोहन के कारण दिल्ली जैसे महानगरों में जल संकट गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना लंबे समय तक जल उपलब्धता बनाए रखने का प्रभावी उपाय माना जाता है।
सरकार का मानना है कि यदि सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी भवनों, आवासीय सोसायटियों, स्कूलों, अस्पतालों और व्यावसायिक परिसरों में भी रेनवॉटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो भूजल स्तर में सुधार लाया जा सकता है। इसके साथ ही भविष्य में जल संकट की स्थिति से निपटने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली सरकार का यह अभियान जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि प्रस्तावित नियम लागू होते हैं तो राजधानी में भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिल सकती है।